स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी |
जाजपुर। ओडिशा के जाजपुर जिले में रविवार को निर्दलीय विधायक हिमांशु शेखर साहू और बीजेडी नेता प्रणब कुमार बालाबंत्राय के समर्थकों के बीच भयंकर झड़प हो गई। इस हिंसा में 15 लोग घायल हो गए, जिनमें पांच की हालत गंभीर बनी हुई है।
फार्महाउस पर धावा: हथियारों से लैस होकर हमला
घटना जेनापुर थाना क्षेत्र के पंतुरी गांव में बालाबंत्राय के फार्महाउस पर हुई। बीजेडी नेता के मुताबिक, उनके करीब 30 कार्यकर्ता, जिनमें महिलाएं भी थीं, एक समारोह में जुटे थे। तभी विधायक साहू के लगभग 50 समर्थक भारी हथियारों के साथ फार्महाउस में घुस आए और अचानक हमला बोल दिया।
हमले में 15 लोग जख्मी हुए। तोड़फोड़ में 20 से ज्यादा वाहन—बाइक और चार कारें शामिल—क्षतिग्रस्त हो गए। घायलों को पहले धर्मशाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, फिर पांच गंभीर घायलों को कटक के SCB मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया गया।
राजनीतिक रंजिश का खूनी खेल
बालाबंत्राय ने इसे पुरानी राजनीतिक दुश्मनी का नतीजा बताया। 2024 विधानसभा चुनाव में वे धर्मशाला सीट पर साहू से हार गए थे। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद से क्षेत्र में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। अप्रैल में भी उन पर हमला हुआ था, जिसमें उनकी कार को नुकसान पहुंचाया गया था। बीजेडी नेता ने स्थानीय पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि वे मामले को पुलिस महानिदेशक तक ले जाएंगे।
पलटवार: साहू समर्थक ने लगाया उल्टा आरोप
दूसरी तरफ, साहू के एक समर्थक ने दावा किया कि जब वह कार से गुजर रहा था, तब बालाबंत्राय के लोगों ने पहले हमला किया। दोनों पक्षों ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं।
भुवनेश्वर में हंगामा: गिरफ्तारी की मांग
सोमवार को बीजेडी कार्यकर्ता बालाबंत्राय के साथ भुवनेश्वर में DGP कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और हमले के आरोपियों की फौरन गिरफ्तारी की मांग की। जेनापुर पुलिस स्टेशन के बाहर भी साहू समर्थकों ने प्रदर्शन किया। क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
पुलिस की भूमिका: जांच जारी, कोई गिरफ्तारी नहीं
जेनापुर पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच चल रही है, लेकिन अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। हिंसा के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। यह घटना धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र की लंबी चली आ रही राजनीतिक कड़वाहट को फिर से उजागर करती है, जहां छोटी-छोटी बातें भी बड़े संघर्ष में बदल जाती हैं।







