विदेश डेस्क, ऋषि राज
टोक्यो: एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच जापान और फिलीपींस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर पहुंचाते हुए उन्हें “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” में बदलने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच टोक्यो में हुई शिखर वार्ता के दौरान यह सहमति बनी। इसे क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और समुद्री स्थिरता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा और फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के बीच हुई बैठक में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश और तकनीकी विकास सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग और समन्वय को मजबूत करना आवश्यक हो गया है।
बैठक के दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई। दोनों देशों ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और रक्षा प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। जापान ने फिलीपींस की तटरक्षक क्षमताओं को मजबूत करने में सहायता जारी रखने का भरोसा दिया।
आर्थिक क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई। जापानी कंपनियों द्वारा फिलीपींस में निवेश बढ़ाने, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने और हरित ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। दोनों देशों ने व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए नए अवसरों की तलाश करने का निर्णय लिया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर पड़ सकता है। हाल के वर्षों में क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और समुद्री विवादों के बढ़ने के बीच जापान और फिलीपींस का यह कदम रणनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दोनों देशों के नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि नई रणनीतिक साझेदारी आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और आर्थिक विकास को नई दिशा देगी। इस समझौते को फिलीपींस के इतिहास में जापान के साथ सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।







