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जापान की मिसाइल नीति पर चीन ने जताई कड़ी आपत्ति

विदेश डेस्क, ऋषि राज

बीजिंग: चीन ने जापान द्वारा संयुक्त समुद्री अभ्यास के दौरान ‘टाइप 88’ मिसाइलों के परीक्षण को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। चीनी विदेश मंत्रालय ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति के लिए गंभीर खतरा बताते हुए जापान को चेतावनी दी है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने नियमित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि जापान का यह कदम दूसरे विश्व युद्ध के बाद अपनाई गई उसकी शांतिपूर्ण सुरक्षा नीति से खतरनाक विचलन को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जापान सुरक्षा सहयोग के नाम पर लगातार अपनी सैन्य गतिविधियों का विस्तार कर रहा है।

चीन ने कहा कि जापान द्वारा आक्रामक मिसाइल परीक्षण और सैन्य शक्ति बढ़ाने की कोशिश एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तनाव पैदा कर सकती है। चीनी अधिकारियों के अनुसार, जापान को अपने ऐतिहासिक अतीत से सबक लेना चाहिए और सैन्य विस्तार से बचना चाहिए।

प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि जापान के कुछ दक्षिणपंथी समूह देश के “पुनः सैन्यीकरण” की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि चीन इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

दरअसल, जापान ने हाल ही में संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान अपनी ‘टाइप 88’ मिसाइल प्रणाली का परीक्षण किया था। इसके बाद चीन की ओर से लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ताइवान, दक्षिण चीन सागर और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर पहले से मौजूद तनाव के बीच यह विवाद दोनों देशों के रिश्तों को और प्रभावित कर सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियां वैश्विक शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाती हैं। चीन और जापान दोनों ही क्षेत्र में अपने रणनीतिक प्रभाव को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके कारण समय-समय पर तनाव बढ़ता रहता है।

फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।