Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

जापान के बाद, PM मोदी चीन के लिए रवाना

विदेश डेस्क, श्रेयांश पराशर l

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्रा एक बार फिर भारत की बहुआयामी कूटनीति का उदाहरण बनी है। जापान की दो दिवसीय सफल यात्रा पूरी करने के बाद मोदी अब चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे हैं। यह यात्रा न केवल भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई पर ले गई है, बल्कि एशिया की बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों में भारत की रणनीतिक भूमिका को भी मजबूत करती है।

जापान यात्रा के दौरान मोदी और प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग पर कई अहम चर्चाएं कीं। भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने विशेष रूप से सेमीकंडक्टर उद्योग, हरित प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे के विकास में साझेदारी को विस्तार देने का निर्णय लिया। सेमीकंडक्टर उत्पादन और आपूर्ति शृंखला की मजबूती भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ अभियानों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

इसके अलावा, जापानी प्रधानमंत्री ने मोदी के सम्मान में भोज का आयोजन किया, जिसने दोनों देशों की मित्रता और विश्वास को और प्रगाढ़ किया। यह तथ्य भी महत्वपूर्ण है कि जापान और भारत, दोनों, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्वतंत्र और खुली व्यवस्था (Free and Open Indo-Pacific) के पक्षधर हैं, और इस दिशा में सामूहिक प्रयास आगे बढ़ाएंगे।

अब चीन में होने वाले SCO सम्मेलन में मोदी की उपस्थिति भारत के लिए बहुपक्षीय मंचों पर अपनी आवाज़ बुलंद करने का अवसर है। सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई वैश्विक नेता शामिल होंगे। उम्मीद है कि मोदी न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर अपने विचार रखेंगे, बल्कि द्विपक्षीय स्तर पर भी कई देशों से सार्थक बातचीत करेंगे।

स्पष्ट है कि मोदी की यह संयुक्त विदेश यात्रा भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूती देने, एशिया में संतुलन कायम करने और नई आर्थिक साझेदारियों की नींव रखने में महत्वपूर्ण साबित होगी।