विदेश डेस्क,श्रेयांश पराशर l
टोक्यो। जापान में आए उष्णकटिबंधीय तूफान जोंग्मी ने व्यापक तबाही मचाई है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण देश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। तूफान के असर से लगभग 60,000 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जबकि सैकड़ों उड़ानों को रद्द करना पड़ा। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, तूफान का केंद्र मुख्य द्वीप होंशू के निकट स्थित था और यह उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ रहा था। तूफान के साथ अधिकतम 25 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि प्रशांत महासागर के तटीय क्षेत्रों में ऊंची लहरें, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना हुआ है।
सरकारी प्रवक्ता मिनोरु किहारा ने नियमित प्रेस वार्ता में बताया कि यह इस मौसम का छठा चक्रवाती तूफान है। हालांकि इसकी तीव्रता कुछ कम हुई है, फिर भी इसके प्रभाव गंभीर बने हुए हैं। तूफान के कारण कई बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे हजारों परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
प्रशासन ने दक्षिण-पश्चिमी, मध्य और पूर्वी जापान के आठ प्रांतों में रहने वाले लाखों लोगों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। राहत और बचाव दलों को संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैनात किया गया है।
तूफान के असर से हवाई यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। बुधवार सुबह तक करीब 900 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है तथा नागरिकों से आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।







