लोकल डेस्क, ऋषि राज।
रक्सौल: प्रकृति का नियम है कि जिसके पास जो होता है,वह वही बांटता है।उक्त विचार लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी सह सामाजिक कार्यकर्ता एवं भारत विकास परिषद् रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल सर्राफ ने प्रेस से साझा किया।सुखी व्यक्ति सुख बांटता है, दुःखी व्यक्ति दुःख बांटता है,ज्ञानी व्यक्ति ज्ञान बांटता है,भ्रमित व्यक्ति भ्रम बांटता है, भयभीत व्यक्ति भय बांटता है। अब हम समाज को क्या बाँटना चाहते हैं,यह हमारी प्रकृति पर निर्भर है। जिंदगी के हर सफर में समस्या के साथ समाधान भी आता ही है बस आप "समस्या" से "समाधान" की तरफ कैसे बढ़ते हैं,यही जिंदगी है।जिस इंसान को कभी अपनी गलती पर पछतावा न हो तो समझ लीजिए गलती उसकी नहीं है आपकी है जो आप उसको पहचान नहीं पाए। शिक्षा और समझदारी दोनों अलग बातें है,कई शिक्षित लोग नासमझ होते हैं और कई अशिक्षित लोग भी काफ़ी समझदार होते हैं,इसीलिए समझदार बनिए।सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अच्छे विचार रखने वाला व्यक्ति जीवन के किसी भी क्षण में अकेला नहीं रह सकता। कुछ लोग अपनी अकड़ की वजह से कीमती रिश्ते खो देते हैं और कुछ लोग रिश्ते बचाते-बचाते अपनी कदर खो देते हैं। चरित्र,विश्राम और शांति में नहीं बल्कि संघर्ष और पीड़ा के अनुभव से मजबूत होता है।सबसे बड़ा न्यायालय हमारा मन होता है क्या सही है और क्या ग़लत,उसे सब पता होता है। आप कुछ ऐसा पाना चाहते हैं,जो आपके पास कभी नहीं था तो फिर उसके लिए आपको वो करने के लिए तैयार रहना होगा,जो आपने कभी नहीं किया। पैसे की कमी किसी को सिर्फ़ थका सकती है लेकिन किसी का कटु व्यवहार उसे अंदर से तोड़ देता है। सूरज चाहे बादलों में छुप जाए,सच्चाई चाहे दबा दी जाए और कर्म चाहे भुला दिए जाएं,मगर ये तीनों अंत में उजागर ज़रूर होते हैं।जिंदगी के न्यायालय में सत्य की ही जीत होती है, परंतु कभी कभी उसके लिए इंतजार भी लंबा करना पड़ता है।सदैव सकारात्मक रहें,आशावादी बनें।







