लोकल डेस्क, ऋषि राज।
रक्सौल: अगर कोई आपकी बात नहीं समझते तो समझाएं हीं मत, क्योंकि कुछ बातें समझाने पर नहीं, खुद पर बीतने पर समझ में आती हैं। उक्त विचार लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी एवं भारत विकास परिषद् रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी सह सामाजिक कार्यकर्ता बिमल सर्राफ ने प्रेस से साझा किया।
अगर आपको लगता है कि आप बड़े आदमी हैं,तब आप छोटे हो जाते हैं, अगर आप जानते हैं कि आप कुछ नहीं हैं,तो आप विशाल हो जाते हैं, मनुष्य होने की यही सुंदरता है, क्या आप हर वक्त शांति महसूस करते हैं ? ऐसा है,तो आपको कुछ बताने की जरूरत नहीं, लेकिन अगर आप अक्सर दुःखी और चिंतित रहते हैं,तो आपको बताया जा सकता है कि दुःख और चिंता का सीधा संबंध हमारे सोचने से है, वस्तुत: दु:ख होता ही नहीं,उसे हमारा सोचना ही पैदा करता है, हकीकत में सिर्फ स्थितियां होती हैं,जिनसे हमें निपटना होता है, बेहतर होगा कि हम सोचने से ज्यादा स्थितियों का मुकाबला करने में अपनी उर्जा और समय लगाएं और जीवन में हमेशा सकारात्मक सोच रखें।
जिस प्रकार "श्वास" हमारे शरीर को चलाती है उसी प्रकार "विश्वास" हमारे संबंधों को चलाता है,दोनों को चलायमान रखें, नाव की अहमियत को देखकर सीखें। जीवन का महत्व स्वयं जल में होकर भी औरों को पार कराती है,दायित्व ईश्वर उसी को देते हैं, जो औरों का भार उठाता है। हमें अपनी समस्याओं पर तब तक मेहनत करनी है जब तक ये सुलझ न जाए, सतत् आक्रमण वाला नजरिया किसी भी असफलता को पराजित करता है, विश्वास जीवन का सबसे बड़ा खजाना है, क्योंकि उसके बगैर ना तो प्रेम संभव है ना प्रार्थना। कामयाब लोगों का अनुभव कहता है, बेहतरीन दिनों के लिए बुरे दिनों से लड़ना पड़ता है, नि:स्वार्थ प्रेम का नाता संसार के सभी सम्बन्धों से पवित्र और श्रेष्ठ होता है। भक्ति सिर्फ भाव से हो बस वही एक शर्त है, भगवान को कोई फर्क नहीं पड़ता है।







