Ad Image
Ad Image
SC ने नाबालिक को गर्भपात की अनुमति रखी बरकरार, एम्स की याचिका खारिज || तमिलनाडु के द. विरुधूनगर में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट, 21 की मौत 8 घायल || हताश प्रधानमंत्री ने झूठ बोलकर देश को गुमराह करने का प्रयास किया: खरगे || विपक्ष की महिला आरक्षण रोकने की साजिश, आधी आबादी को हक दिलाएंगे: PM मोदी || हॉर्मुज में भारतीय जहाजों पर गोलीबारी, दिल्ली ने ईरानी राजदूत को तलब किया || अंतर्राष्ट्रीय कानून अनुपालन की यूरोपीय संघ की अपील को ईरान ने पाखंड बताया || राष्ट्रपति ट्रंप ने तरनजीत संधू को दिल्ली का उप राज्यपाल बनने पर दी बधाई || सम्पूर्ण देश की विधायिका में आज से 33 फीसदी महिला आरक्षण कानून लागू || पटना: CM सम्राट चौधरी ने जन प्रतिनिधियों और अन्य से की शिष्टाचार भेंट || इजरायल और लेबनान के बीच आज से 10 दिनों के लिए सीजफायर लागू

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

जीवन में सुख दुख एक दूसरे के पूरक:बिमल सर्राफ

लोकल डेस्क, ऋषि राज।

रक्सौल: सुख दुःख जीवन में एक दूसरे के पूरक हैं अर्थात् समुच्चय की तरह हैं। जीवन में समस्त संभावनाएँ निहित हैं।हम सभी जीव प्राणी अच्छे जीवन की सफलता की और श्रेयस की कामना करते हैं,लेकिन जीवन तो उतार और चढ़ाव का खेल है।

उक्त विचार लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी एवं भारत विकास परिषद् ,रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी सह सामाजिक कार्यकर्ता बिमल सर्राफ ने प्रेस से साझा किया।हम सभी कभी -न-कभी अवसाद और तनाव से आहत होते हैं,तो कभी दुःखों से भी हमारा साक्षात्कार होता है। दुःखों एवं पीड़ाओं का एहसास जीवन में निरंतर बना ही रहता है।जिंदगी में हमेशा सब कुछ अच्छा और सही ही हो ऐसा कैसे संभव है ?किसी की जिंदगी में ऐसा नहीं होता।व्यापार,नौकरी,सेहत या रिश्ते इनमें कोई-न-कोई परेशानी चलती ही रहती है।गलतियों से, दुःखों से कब तक बचा रहा जा सकता है ?

" कोशिशें करने से सब सदा सही हो यह जरूरी नहीं ,पर ऐसा करने से हमारी गलतियाँ जरूर कम हो जाती हैं।" हर सुबह हम इसी सोच और संकल्प के साथ दिन शुरू करते हैं कि हमें अपने व्यक्तित्व निर्माण में कुछ नया करना है,नया बनना है,पर हम सोचें कि क्या हमने निर्माण की प्रक्रिया में नए पदचिन्ह स्थापित करने के प्रयास किए ? क्या ऐसा कुछ कर सके कि स्वयं की नजर में हमारे कर्तव्य का कद ऊंचा उठ सके ? भावार्थ है कि न अतीत की चिंता करें व न भविष्य की कल्पना में उलझें।सिर्फ आज को जीने का सदैव प्रयत्न करें।यही हर दिन की सुबह का सच्चा स्वागत है। जिंदगी है तो चुनौतियां तो होंगी ही।कुछ चुनौतियों से हम आसानी से पार पा लेते हैं,पर कुछ हमसे खुद को बदलने की माँग करती है।कामयाबी इस पर निर्भर करती है कि हम कितने बेहतर ढंग से खुद को बदल पाते हैं।