नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने आज देशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पिछले दो दिनों से जारी विरोध के बीच विपक्ष ने प्रदर्शन तेज करने का फैसला किया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। विपक्ष इसे ‘वोट चोरी’ बता रहा है और एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने, हटाए गए नामों को बहाल करने तथा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
विपक्ष का दावा है कि एसआईआर के तहत देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से मतदाताओं के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान करते हुए इसे आगे भी जारी रखने का संकेत दिया है।
दिल्ली में संसद मार्ग, आकाशवाणी भवन और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बैरिकेडिंग की गई है। जंतर-मंतर को लेकर पुलिस की ओर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इस बीच यातायात व्यवस्था सामान्य बताई जा रही है। विपक्ष के देशभर में प्रदर्शन के ऐलान के साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से भी 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। इससे पहले भी एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं।
मंगलवार को संसद भवन से निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर मार्च निकालने और आकाशवाणी भवन परिसर में धरना देने के दौरान पुलिस ने करीब 260 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। हिरासत में लिए गए लोगों में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत 10 सांसद भी शामिल थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कार्रवाई की थी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सभी हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली में विपक्ष और पुलिस के बीच टकराव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई।
बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से इंडिया गठबंधन के सांसदों के लिए आयोजित दोपहर के भोजन के बाद राहुल गांधी ने कहा कि सभी विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पर एकत्र होंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष तय विरोध स्थल पर बैठकर देश को यह बताएगा कि उसके लिए ज्ञानेश कुमार देश के वैध मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही पड़ेगा।
राहुल गांधी ने कहा कि एक दिन पहले विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्तों, खासकर तीनों चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन उनसे मिलने से इनकार कर दिया गया। उनके मुताबिक, इसके बाद दिल्ली पुलिस ने विपक्षी नेताओं को रोक दिया और कहा कि वहां विरोध प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी ने कहा कि अब विपक्ष तय प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर पहुंचेगा और वहीं बैठकर अपनी बात देश के सामने रखेगा। उन्होंने दोहराया कि विपक्ष के लिए ज्ञानेश कुमार वैध मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं हैं और उनके इस्तीफे की मांग जारी रहेगी।
विपक्ष की ओर से एसआईआर प्रक्रिया, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग और सरकार विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए एसआईआर को मतदाता सूची में डुप्लीकेट और अपात्र नामों को हटाने तथा पात्र मतदाताओं का नाम सुनिश्चित करने की प्रक्रिया बता रहे हैं। ऐसे में आज प्रस्तावित देशव्यापी प्रदर्शन के साथ यह राजनीतिक विवाद और तेज होने की संभावना है।







