स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी।
सोरेन, राहुल, तेजस्वी के पुतले फूंके
रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन 23वें दिन पहुंच गया। रविवार को आक्रोशित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के पुतले फूंके। उन्होंने 18 अगस्त तक मांगें पूरी न होने पर 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेरने की चेतावनी दी।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से मशाल जुलूस निकालकर अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने वहां पुतले जलाए। राज्य के विभिन्न जिलों में भी पुतले फूंके गए। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में अभ्यर्थी जेएसएससी सीजीएल और जेपीएससी 11वीं से 13वीं परीक्षाओं को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच और टीडीपीएल एजेंसी के माध्यम से कराई गई परीक्षाओं को खारिज करने की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन का रुख बदला
मंच के नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन अब असर नहीं कर रहा। उन्होंने गांधीवादी तरीकों से हटकर भगत सिंह के मार्ग पर चलने की बात कही। पासवान ने कहा,
“अब हम भगत सिंह का रास्ता अपनाएंगे। सरकार चाहे गोली चला दे, हम छाती तानकर खड़े रहेंगे।”
उन्होंने चेतावनी दी कि 18 अगस्त तक मांगें पूरी न हुईं तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेरा जाएगा और इस्तीफे की मांग भी की जाएगी।
एक प्रदर्शनकारी बाह लिंडा ने सिर मुंडवा लिया। उन्होंने इसे राजनीतिक नेतृत्व की विफलता पर शोक बताया। आर्यन सिंह ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय नेता अन्य परीक्षा विवादों पर सक्रिय रहते हैं, लेकिन झारखंड के मुद्दे पर चुप हैं।
भूख हड़ताल जारी
प्रदर्शनकारी प्रेम नायक 13वें दिन भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, लेकिन वे जगह छोड़ने को तैयार नहीं। नायक ने कहा कि सरकार गंभीर नहीं है और आंदोलन जारी रहेगा। कुछ अभ्यर्थी जेल भरो आंदोलन या स्कूल-कॉलेज बंद कराने की भी बात कर रहे हैं।
सरकार ने वार्ता का न्योता दिया
रविवार शाम राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों को सोमवार को नई वार्ता के लिए आमंत्रित किया। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पर उप-मंडलीय अधिकारी और अतिरिक्त जिलाधिकारी (कानून-व्यवस्था) से मुलाकात के बाद यह फैसला हुआ। यह सातवें दौर की वार्ता होगी। 9 अगस्त को हुई पिछली वार्ता विफल रही थी।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राहुल गांधी ने पहले आश्वासन दिया था कि 15 अगस्त तक सकारात्मक कदम न उठाए गए तो कांग्रेस समर्थन वापस ले लेगी। लेकिन कुछ नहीं हुआ। पीयूष कुमार सिंह ने कांग्रेस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने सरकार से बातचीत करने और मांगों पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार अड़ियल रवैया न अपनाए। 10 अगस्त को विधानसभा घेरने की कोशिश के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया था। कई छात्र घायल हुए थे। तब से आंदोलन और तेज हो गया है।
अभ्यर्थी कह रहे हैं कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता दांव पर है। वे पारदर्शिता, कट-ऑफ और ओएमआर शीट सार्वजनिक करने तथा भर्ती कैलेंडर की मांग भी कर रहे हैं। आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मांगें पूरी न हों।







