स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार।
रांची। CGL परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सफल अभ्यर्थी बुधवार को अचानक उग्र हो गए। प्रोजेक्ट भवन सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने पुलिस बल को धक्का देते हुए बैरिकेडिंग तोड़ दी और परिसर के अंदर प्रवेश कर गए।
करीब दोपहर 2 बजे सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के मुख्य द्वार पर पहुंचे। उन्होंने वहां लगी बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और सुरक्षा घेरा पार कर सचिवालय परिसर में दाखिल हो गए।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। अभ्यर्थी लगातार मांग कर रहे थे कि वरीय अधिकारियों को बातचीत के लिए भेजा जाए। स्थिति नहीं संभलने पर बल प्रयोग की आशंका भी जताई गई। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पहले से तैनात जवानों के अलावा आसपास के थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया।
'न्याय दो या फांसी दो' के नारे लगाए
अभ्यर्थियों ने प्रोजेक्ट भवन के मुख्य द्वार को पूरी तरह जाम कर दिया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान 'न्याय दो या फांसी दो', 'आवाज दो, हम एक हैं' और 'तानाशाही नहीं चलेगी' जैसे नारे लगाए गए।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारी सरकार के विरोध में नारेबाजी करते रहे। उनकी प्रमुख मांग CGL परीक्षा रद्द करने के आदेश को वापस लेने की है।
प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थी भावुक होकर जमीन पर लेट गए और रोते हुए न्याय की गुहार लगाने लगे। इससे परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।
अभ्यर्थियों को समझाने की कोशिश करते दिखे पुलिस अधिकारी
स्थिति को देखते हुए मौके पर पहले से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। जब पुलिस अधिकारी सफल अभ्यर्थियों को रोकने में असफल रहे तो उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की।
धारा 144/163 बीएनएस लागू
हटिया डीएसपी नीरज कुमार ने बताया कि क्षेत्र में निषेधाज्ञा के तहत धारा 144/163 बीएनएस लागू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी पढ़े-लिखे युवा हैं और उन्हें समझना होगा कि प्रतिबंधित और अति संवेदनशील सरकारी परिसर में विरोध प्रदर्शन करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।







