लोकल डेस्क, मुस्कान कुमारी।
दारौंदा। स्थानीय विधायक कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह ने झोर खीरों क्षेत्र में पानी के बहाव को रोकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है। दारौंदा सीओ को प्राथमिकी दर्ज करने और चिलवन हटाने के आदेश दिए गए।
किसानों की परेशानी पर भड़के विधायक, तत्काल सफाई का हुक्म
झोर खीरों के जलमार्गों में अवैध चिलवन लगाकर बहाव रोकने से आक्रोशित व्यास सिंह ने शुक्रवार को क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने दारौंदा सीओ को निर्देश दिया कि जानबूझकर जल अवरोध पैदा करने वालों पर तुरंत एफआईआर दर्ज हो। मछली पकड़ने के नाम पर लगे ये जाल न केवल पानी की निकासी बाधित कर रहे हैं, बल्कि पूरे इलाके की कृषि को संकट में डाल रहे हैं।
विधायक ने फोन पर छपरा जिले के एकमा प्रखंड के सीओ से भी बात की और वहां के अवरुद्ध जलमार्गों को साफ करने का सख्त आदेश सुनाया। "यह किसानों के साथ खिलवाड़ है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा," व्यास सिंह ने निरीक्षण के दौरान कहा। उनकी यह सक्रियता क्षेत्रवासियों में उम्मीद की किरण जगा रही है, जहां लंबे समय से जलजमाव खेती की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है।
दारौंदा प्रखंड की कई पंचायतें बाढ़ और जलभराव की मार झेल रही हैं। पानी की अनियमित निकासी से बड़े पैमाने पर खेत प्रभावित हैं, धान की फसल कटाई में महीनों की देरी हुई और किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा। ऊपर से, कई जगहों पर गेहूं की बुआई ही रुकी पड़ी है, जो रबी मौसम की फसल को बुरी तरह चोट पहुंचा रही है। व्यास सिंह ने इस संकट को देखते हुए मनरेगा के प्रोजेक्ट अधिकारी को पंचायत-स्तरीय झोर सफाई का तत्काल निर्देश दिया। "हर गांव में जलमार्ग साफ होंगे, ताकि अगली बरसात में ऐसी विपदा न सताए," उन्होंने जोर देकर कहा।
स्थानीय नेताओं का साथ, जनता में जोश
निरीक्षण के मौके पर दारौंदा भाजपा मंडल अध्यक्ष बबलू सिंह, जिला मंत्री उमाशंकर सिंह, महामंत्री मनीष कुमार, प्रखंड प्रमुख उमेश सिंह, दारौंदा सीओ और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे। सबकी मौजूदगी में विधायक की अपील गूंजी कि जल संरक्षण सबकी जिम्मेदारी है। यह घटना न केवल प्रशासनिक स्तर पर हलचल पैदा कर रही है, बल्कि किसान समुदाय में एकजुटता का संदेश दे रही है। अगर ये आदेश सख्ती से लागू हुए, तो झोर क्षेत्र की पुरानी समस्या का समाधान निकट दिख रहा है।







