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टाउन हॉल डिजनीलैंड मेला विवाद: टेंडर मिलने के बाद NOC रद्द

लोकल डेस्क, मुस्कान सिंह।

मोतिहारी : मोतिहारी के टाउन हॉल मैदान में प्रस्तावित डिजनीलैंड मेले को लेकर प्रशासनिक निर्णय पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम द्वारा खुली निविदा प्रक्रिया के तहत टेंडर जारी किए जाने और सभी संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने के बावजूद सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) कार्यालय द्वारा अंतिम एनओसी देने से इनकार कर दिया गया, जिससे मेले के आयोजक को लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ा है।

जानकारी के अनुसार, नगर निगम ने टाउन हॉल मैदान में डिजनीलैंड मेला लगाने के लिए दो समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर ओपन बिडिंग आमंत्रित की थी। इस प्रक्रिया में सात लोगों ने भाग लिया था, जिसमें सर्वाधिक बोली लगाने वाले उद्यमी संजीत कुमार को लगभग 14 लाख रुपये में टेंडर आवंटित किया गया। टेंडर मिलने के बाद उद्यमी ने बैंक और बाजार से ऋण लेकर मेले की तैयारियां शुरू कर दीं और मैदान में आवश्यक संरचनाओं का निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर दिया। इस बीच, नगर थाना, अंचल कार्यालय, विद्युत विभाग और भवन प्रमंडल सहित संबंधित विभागों से एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। सदर एसडीएम कार्यालय द्वारा 3 जून 2026 को ज्ञापांक संख्या 1028 के तहत संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी गई थी। जांच के बाद सभी विभागों ने अपनी सहमति और एनओसी प्रदान कर दी। हालांकि, सभी रिपोर्ट मिलने के बाद सदर एसडीएम कार्यालय ने अंतिम एनओसी जारी करने से इनकार कर दिया और निर्माणाधीन मेले को तीन दिनों के भीतर हटाने का निर्देश जारी कर दिया।

मामले को लेकर नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया भी चर्चा में है। पिछले वर्ष जिस मैदान का टेंडर लगभग 54 लाख रुपये में हुआ था, वह इस वर्ष 14 लाख रुपये में आवंटित होने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पूरी निविदा प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई और सर्वाधिक बोली लगाने वाले को ही टेंडर दिया गया। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है। उद्यमी संजीत कुमार का आरोप है कि सभी विभागों से अनुमति मिलने के बाद अंतिम समय में एनओसी रोके जाने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने मामले को लेकर न्यायालय की शरण लेने की बात कही है। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी प्रशासनिक निर्णय पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि सभी आवश्यक विभागों से अनुमति मिल चुकी थी तो अंतिम स्तर पर एनओसी रोकना उद्यमियों को हतोत्साहित करने वाला कदम है। कांग्रेस नेता मुमताज अहमद ने भी मामले में सवाल उठाते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार स्कूल परिसर में प्रदर्शनी लगाने पर रोक है, ऐसे में जिला स्कूल स्टेडियम में संचालित डिजनीलैंड मेले को अनुमति कैसे दी गई।

सदर एसडीएम ने कहा है कि स्थल निरीक्षण के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर एनओसी नहीं देने का निर्णय लिया गया। मामले को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया और निर्णयों पर अब कई सवाल उठ रहे हैं तथा प्रभावित उद्यमी न्यायिक हस्तक्षेप की तैयारी कर रहा है।