विदेश डेस्क, नीतीश कुमार
वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि तेहरान में हुए एक “भीषण हमले” में ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए हैं। यह बयान उस समय आया है जब उन्होंने कुछ ही घंटे पहले ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।
ट्रंप ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि यह हमला कब हुआ, लेकिन उन्होंने एक वीडियो साझा किया जिसमें किसी स्थान से धुआं उठता दिखाई दे रहा है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो हाल का है या पुराना और किस स्थान को निशाना बनाया गया है।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर कहा कि “ईरान के कई सैन्य अधिकारी इस भीषण हमले में तेहरान में खत्म कर दिए गए हैं।”
इससे पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा था कि समय तेजी से समाप्त हो रहा है और इसके बाद ईरान पर “चौतरफा आफत” आएगी।
वहीं, ईरान ने ट्रंप के इस अल्टीमेटम को सिरे से खारिज करते हुए इसे “हताशापूर्ण, घबराहट भरा, असंतुलित और मूर्खतापूर्ण कदम” बताया है।
ईरान के ‘खातम अल-अंबिया’ केंद्रीय मुख्यालय के जनरल अली अब्दुल्लाही अली आबादी ने चेतावनी दी कि यदि ईरान के बुनियादी ढांचे पर अमेरिका या इजरायल की ओर से कोई हमला होता है, तो पश्चिम एशिया में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायली लक्ष्यों पर “विनाशकारी और लगातार” हमले किए जाएंगे।
ईरान की समाचार एजेंसी ‘फार्स’ के अनुसार, जनरल अली आबादी ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति लगातार असफलताओं के बाद हताशा में ईरान की राष्ट्रीय संपत्तियों को निशाना बनाने की धमकी दे रहे हैं।







