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ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार सौंपने वाली माचाडो पहुंचीं व्हाइट हाउस

विदेश डेस्क, मुस्कान कुमारी।

"हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं" - माचाडो ने समर्थकों से कहा

वाशिंगटन। वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो ने गुरुवार (15 जनवरी 2026) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात की और उन्हें अपना 2025 नोबेल शांति पुरस्कार का पदक सौंप दिया। यह कदम उन्होंने वेनेजुएला की स्वतंत्रता के लिए ट्रंप की "अद्वितीय प्रतिबद्धता" के सम्मान में उठाया। मुलाकात के बाद माचाडो ने व्हाइट हाउस के बाहर इकट्ठे दर्जनों उत्साहित समर्थकों से कहा, "हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं।" समर्थकों ने "थैंक यू, ट्रंप" के नारे लगाए।

माचाडो ने पत्रकारों से बातचीत में पुष्टि की कि उन्होंने मुलाकात के दौरान पदक ट्रंप को भेंट किया, हालांकि व्हाइट हाउस ने तुरंत यह स्पष्ट नहीं किया कि ट्रंप ने इसे स्वीकार किया या नहीं। ट्रंप ने बाद में सोशल मीडिया पर इसे "परस्पर सम्मान का शानदार इशारा" बताते हुए धन्यवाद दिया।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब वेनेजुएला में राजनीतिक संकट चरम पर है। 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी विशेष बलों ने काराकास में एक साहसिक छापेमारी में तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया, जहां उन पर ड्रग तस्करी के आरोप में मुकदमा चल रहा है। इस ऑपरेशन के बाद वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया, जो अब दिन-प्रतिदिन के सरकारी कामकाज संभाल रही हैं। रोड्रिगेज ने ट्रंप प्रशासन के साथ सहयोग बढ़ाया है, जिसमें अमेरिकी कैदियों की रिहाई और तेल व्यापार पर बातचीत शामिल है।

ट्रंप ने रोड्रिगेज के साथ लंबी फोन बातचीत की और कहा कि दोनों के बीच "बहुत अच्छे संबंध" बन रहे हैं। उन्होंने बुधवार को ओवल ऑफिस में कहा, "हम वेनेजुएला के साथ बहुत अच्छे से आगे बढ़ रहे हैं।" वहीं, माचाडो को ट्रंप ने पहले ही खारिज किया था, कहते हुए कि उनके पास देश में पर्याप्त समर्थन और सम्मान नहीं है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कारोलाइन लेविट ने माचाडो को "वेनेजुएला के लोगों की बहादुर और उल्लेखनीय आवाज" बताया, लेकिन जोर दिया कि मुलाकात से ट्रंप का उनके नेतृत्व पर नजरिया नहीं बदला।

माचाडो की जोखिम भरी यात्रा और रणनीति

माचाडो पिछले साल काराकास में संक्षिप्त हिरासत के बाद देश छोड़ चुकी हैं और उनकी लोकेशन काफी समय तक अज्ञात रही। ट्रंप से मुलाकात उनके लिए शारीरिक जोखिम भरी थी, लेकिन उन्होंने इसे वेनेजुएला के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। वह राज्य सचिव मार्को रुबियो जैसे ट्रंप प्रशासन के प्रमुख सदस्यों से संबंध बनाने की कोशिश में जुटी हैं। उनकी पार्टी को 2024 के विवादित चुनावों में जीत मिली मानी जाती है, जिसे मादुरो ने खारिज कर दिया था।

ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला में नई चुनाव "सही समय पर" होंगे, लेकिन समयसीमा नहीं बताई। मुलाकात करीब ढाई घंटे चली, जिसमें वेनेजुएला के भविष्य पर चर्चा हुई। माचाडो ने व्हाइट हाउस से निकलते हुए केवल "ग्रासियास" कहा और समर्थकों को गले लगाया। इसके बाद वह कैपिटल हिल पर सीनेट में बैठक के लिए रवाना हुईं।

इस बीच, मुलाकात से पहले अमेरिकी बलों ने कैरिबियन सागर में एक और वेनेजुएला से जुड़े तेल टैंकर को जब्त किया, जो ट्रंप प्रशासन की वेनेजुएला के तेल पर नियंत्रण की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। रोड्रिगेज सरकार ने मादुरो काल में बंद कैदियों की रिहाई जारी रखने का वादा किया है, जिसमें इस सप्ताह पांच अमेरिकी शामिल हैं।