विदेश डेस्क, ऋषि राज |
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े शांति समझौते पर जल्द हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। ट्रंप ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह समझौता पश्चिम एशिया में स्थिरता और वैश्विक शांति की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकता है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधारहित होगी और तेल कीमतों में स्थिरता आएगी।
उन्होंने कहा कि यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ट्रंप के मुताबिक, नए समझौते के तहत ईरान भविष्य में परमाणु हथियारों के विकास या खरीद की दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा। इसके बदले अमेरिका कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत दे सकता है।
व्हाइट हाउस सूत्रों के अनुसार, समझौते पर हस्ताक्षर के लिए यूरोप में एक विशेष समारोह आयोजित किया जा सकता है। इसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। ट्रंप ने इसे अपने कार्यकाल की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया है।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि समझौते की शर्तें पूरी तरह सामने आने के बाद ही इसकी वास्तविक प्रभावशीलता स्पष्ट होगी। फिर भी इस घोषणा ने वैश्विक राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह समझौता क्षेत्रीय संघर्षों को कम करने में कितना सफल होता है और अमेरिका-ईरान संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।







