विदेश डेस्क, श्रेया पाण्डेय।
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव के बीच एक बड़ा और विवादास्पद दावा करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका का "नया" क्षेत्र घोषित कर दिया है। मंगलवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर एक नक्शा पोस्ट किया, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दर्शाया गया है। उन्होंने इस पोस्ट के साथ कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड में एक कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा था कि ईरान को पूरी तरह पराजित करने के बाद वे जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करेंगे। सोमवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भी ट्रंप ने इस विचार को दोहराया और दावा किया कि अमेरिका पहले से ही इस जलमार्ग को नियंत्रित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस क्षेत्र की नाकाबंदी कर रखी है और बिना अनुमति के कोई भी जहाज यहां से नहीं गुजर सकता।
फरवरी में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर बड़े संयुक्त हमलों की शुरुआत के बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर होने वाले यातायात पर पाबंदी लगा दी, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा वहन करता है। युद्ध से पहले यह जलमार्ग पूरी तरह खुला हुआ था, लेकिन अब इस पर नियंत्रण अमेरिका-ईरान के बीच जारी संघर्षविराम वार्ता का एक प्रमुख विवादास्पद मुद्दा बन गया है।
ईरान ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम घरीबाबादी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि होर्मुज जलडमरूमध्य हमेशा से ईरानी रहा है, अभी भी ईरानी है और आगे भी ईरानी ही रहेगा। उन्होंने कहा कि यह जलडमरूमध्य केवल ईरान के आदेश पर ही बंद या खुल सकता है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने भी मंगलवार को संसद में कहा कि जब तक अमेरिका तेहरान की मांगें नहीं मानता, तब तक यह जलमार्ग बंद रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाकाबंदी हटाने, जमी हुई संपत्तियां जारी करने, तेल प्रतिबंध हटाने और सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने जैसी शर्तें पूरी होने तक जलमार्ग नहीं खोला जाएगा।
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य कानूनी रूप से ईरान और ओमान के प्रादेशिक जलक्षेत्र में आता है, और विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका के पास इस पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। इसके बावजूद ट्रंप ने इसे अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की योजना बनाई है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इसे कानूनी रूप से कैसे अंजाम दिया जाएगा। इससे पहले भी ट्रंप ने इस जलमार्ग से गुजरने वाले उत्पादों पर 20 प्रतिशत शुल्क वसूलने और खुद को इसका "संरक्षक" घोषित करने का सुझाव दिया था, हालांकि कानूनी विशेषज्ञों ने ऐसे शुल्कों को अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध बताया है।
इस बीच यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑर्गनाइजेशन ने मंगलवार को एक चेतावनी जारी करते हुए बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज पर अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से हमला हुआ, जिससे इंजन कक्ष क्षतिग्रस्त हो गया और एक चालक दल के सदस्य की मृत्यु हो गई। यह घटना क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दर्शाती है।






