लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती |
सीवान। भारत के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न, प्रखर श्रमिक नेता, भारतीय रेलवे मेंस यूनियन के प्रथम अध्यक्ष एवं भारत के प्रथम श्रम मंत्री डॉ. वी. वी. गिरि की जयंती के अवसर पर 9 अगस्त (रविवार) को प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक डॉ. वी. वी. गिरि यूनिवर्सिटी, चिंतामनपुर, दुरौंधा (सिवान) के तत्वावधान में आयोजित होने वाली श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी के लिए डॉ. शैलेश कुमार गिरि ने आयोजकों एवं सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।
जारी बयान में डॉ. गिरि ने कहा कि भारत रत्न डॉ. वी. वी. गिरि का संपूर्ण जीवन श्रमिक अधिकारों, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रसेवा तथा कर्मनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है। उनके आदर्श आज भी युवाओं, किसानों, श्रमिकों एवं समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे महान राष्ट्रपुरुष की स्मृति में आयोजित यह विचार गोष्ठी समाज में सकारात्मक चेतना और जनजागरण का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में प्रदेश के अनेक शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की सहभागिता प्रस्तावित है, जिससे आयोजन की गरिमा और उद्देश्य दोनों को नई दिशा मिलेगी।
डॉ. शैलेश कुमार गिरि ने कहा कि अत्यावश्यक एवं अपरिहार्य कारणों से वे इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पाएंगे। उन्होंने इस पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए आयोजक मंडल, मंचासीन अतिथियों, सभी शिक्षाविदों एवं उपस्थित महानुभावों से क्षमा याचना की। उन्होंने कहा कि यद्यपि वे शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं रहेंगे, किन्तु उनकी शुभकामनाएँ और नैतिक समर्थन सदैव इस आयोजन तथा इसके उद्देश्यों के साथ हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. वी. वी. गिरि यूनिवर्सिटी परिवार द्वारा आयोजित यह समारोह ऐतिहासिक, प्रेरणादायी एवं सफल सिद्ध होगा तथा भारत रत्न डॉ. वी. वी. गिरि के विचारों और आदर्शों को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।







