स्टेट डेस्क, श्रेयांश पराशर l
मुंगेर। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विधानसभा क्षेत्र तारापुर स्थित अनुमंडलीय सरकारी अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू होने से क्षेत्र के किडनी मरीजों को बड़ी राहत मिली है। अब मरीजों को डायलिसिस के लिए दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से तारापुर अनुमंडल अस्पताल में डायलिसिस सेंटर शुरू किया गया है। अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध होने के बाद गंभीर किडनी रोगियों को स्थानीय स्तर पर ही उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने बताया कि डायलिसिस सेवा शुरू होने से तारापुर अनुमंडल के मरीजों को काफी सहूलियत होगी। इसके साथ ही सीमावर्ती बांका और जमुई जिले के गंभीर किडनी रोगियों को भी इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। इससे इन क्षेत्रों के मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के लिए दूर जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी अस्पतालों में उपचार सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अनुमंडल स्तर पर डायलिसिस जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना स्थानीय मरीजों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डायलिसिस की आवश्यकता आम तौर पर उन मरीजों को होती है जिनकी किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त तरल पदार्थ को पर्याप्त रूप से बाहर निकालने में सक्षम नहीं होती। ऐसे मरीजों को नियमित अंतराल पर डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है। इस सुविधा के स्थानीय स्तर पर शुरू होने से गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
स्थानीय स्तर पर डायलिसिस केंद्र शुरू होने से मरीजों के इलाज का समय और यात्रा से जुड़ी परेशानी भी कम होगी। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सरकारी अस्पताल में यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, केंद्र के शुरू होने के बाद आसपास के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भी इसका लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि डायलिसिस सेवा के संचालन से क्षेत्र में गंभीर किडनी रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।







