नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
नयी दिल्ली : तुगलकाबाद एक्सटेंशन में हुई भीषण आग की घटना की जांच में दिल्ली पुलिस को बड़ा सुराग मिला है। पुलिस ने मामले में एक नाबालिग किशोरी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान सामने आया कि आग दुर्घटनावश नहीं लगी थी, बल्कि इसे एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे निजी रंजिश और पैसों के विवाद की पृष्ठभूमि सामने आई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना स्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान एक किशोरी आग लगने से कुछ समय पहले इमारत में प्रवेश करती दिखाई दी। फुटेज के आधार पर उसकी पहचान की गई और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में किशोरी ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए, जिसके बाद पूरे मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं।
जांच में किशोरी ने बताया कि उसे एक महिला ने पेट्रोल और माचिस उपलब्ध कराई थी। महिला ने कथित तौर पर उसे इमारत की पांचवीं मंजिल पर रहने वाले एक व्यक्ति के स्कूटर में आग लगाने के लिए कहा था। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच पैसों को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके चलते यह कदम उठाने की योजना बनाई गई।
पुलिस ने किशोरी के बयान के आधार पर संबंधित महिला को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान महिला ने स्वीकार किया कि पूरी योजना दो अन्य व्यक्तियों द्वारा तैयार की गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों आरोपी किसी निजी बदले की भावना से प्रेरित होकर इस घटना को अंजाम देना चाहते थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों भाइयों को भी गिरफ्तार कर लिया और मामले में उनकी भूमिका की जांच शुरू कर दी।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच से स्पष्ट हुआ है कि आग जानबूझकर लगाई गई थी। मामले में नाबालिग किशोरी सहित कुल चार लोगों को कानून के दायरे में लाया गया है। नए तथ्यों के सामने आने के बाद पुलिस ने मुकदमे में कई गंभीर धाराएं भी जोड़ दी हैं, जिनमें आपराधिक साजिश, गैर-इरादतन हत्या, गैर-इरादतन हत्या का प्रयास, आग लगाकर नुकसान पहुंचाने तथा रात के समय घर में घुसने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
गौरतलब है कि 12 जून की तड़के करीब 2:24 बजे एक पांच मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी। आग तेजी से फैलते हुए पूरी इमारत में फैल गई, जिससे कई लोग इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद दमकल और राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया तथा घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसे तीन लोगों ने बाद में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। शुरुआती स्तर पर पुलिस ने मामले को लापरवाही से जुड़ी घटना मानते हुए मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन विस्तृत जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह मामला एक आपराधिक साजिश के रूप में सामने आया। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं।







