लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती ।
दारौंदा: प्रारंभिक विद्यालयों, जिनके परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, उन विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास को लेकर भव्य आयोजन गुरुवार को किया गया, जिसमें वार्षिक उत्सव, स्पोर्ट्स मीट एवं बाल मेला का आयोजन किया गया, इन कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए प्रत्येक संबंधित विद्यालय को 20 हजार की ड्राइंग लिमिट स्वीकृत की गई है।
मिशन निपुण बिहार अंतर्गत राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को विद्यालयी माहौल से जोड़ने एवं उनकी रचनात्मक क्षमता को निखारने के उद्देश्य से ये आयोजन अनिवार्य रूप से कराए गए। बाल मेला व स्पोर्ट्स मीट में बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
वहीं 31 जनवरी को आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में पीटीएम के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों द्वारा किए गए शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों को साझा किया जाएगा तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस पहल हो सके। वैसे सरकारी विद्यालय जहाँ विद्यालय में तो आगनबाड़ी केंद्र चलता है, इसके बाद में सूची में नाम नहीं दिख रहा है, जैसे दारौंदा प्रखंड में करीब 100 से अधिक आगंनवाडी केंद्र विद्यालय में चलता है, परंतु सूची में सिर्फ दो विद्यालय है,







