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दिल्ली जल बोर्ड टेंडर मामले में सत्येंद्र जैन समेत छह गिरफ्तार

स्टेट डेस्क, मुस्कान सिंह।

नई दिल्ली: दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के टेंडर मामले में एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार और आधुनिकीकरण से जुड़े टेंडर में कथित अनियमितताओं और आपराधिक साजिश के आरोपों की जांच के तहत की गई है।

गिरफ्तार किए गए लोगों में सत्येंद्र जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और पूर्व आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय भी शामिल हैं। इनके साथ पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव तथा निजी कंपनियों से जुड़े नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा को भी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

मामला दिल्ली जल बोर्ड के मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार और अपग्रेडेशन के लिए जारी किए गए टेंडरों से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में नियम और शर्तों में कथित तौर पर इस तरह बदलाव किए गए, जिससे कुछ कंपनियों को अनुचित लाभ मिलने की स्थिति बनी।

प्रवर्तन निदेशालय ने दिसंबर 2025 में इस मामले में दाखिल अपनी अभियोजन शिकायत में भी दिल्ली जल बोर्ड के कई STP से जुड़े चार टेंडरों का उल्लेख किया था। जांच में टेंडर की शर्तों में कथित हेरफेर और निजी पक्षों को लाभ पहुंचाने के आरोपों की बात कही गई थी।

ACB की कार्रवाई में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय का नाम भी सामने आया है। इसके अलावा निजी क्षेत्र से जुड़े कुछ लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि टेंडर प्रक्रिया किस तरह तैयार की गई, उसकी शर्तों में क्या बदलाव किए गए और इन बदलावों से किसी विशेष कंपनी या व्यक्ति को आर्थिक लाभ पहुंचा या नहीं। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में कथित भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के पहलुओं की जांच की जा रही है।

जांच पहले से ही विभिन्न एजेंसियों के स्तर पर चल रही थी। प्रवर्तन निदेशालय ने दिसंबर 2025 में बताया था कि उसने चार STP टेंडरों से जुड़े मामले में 14 लोगों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। एजेंसी के अनुसार, जांच में टेंडर की शर्तों को कथित रूप से प्रभावित करने और अवैध कमीशन के भुगतान से जुड़े आरोप सामने आए थे।

ED की जांच के मुताबिक, मामले में STP परियोजनाओं के लिए जारी टेंडरों में ‘IFAS technology with fixed media’ से संबंधित शर्तों को लेकर भी सवाल उठे थे। एजेंसी ने आरोप लगाया था कि टेंडर की शर्तों को इस तरह प्रभावित किया गया जिससे एक विशेष तकनीक उपलब्ध कराने वाली कंपनी को फायदा मिल सके।

सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की राजनीति में भी मामला गरमा गया है। आम आदमी पार्टी की ओर से गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताया गया है, जबकि दूसरी ओर जांच एजेंसी की कार्रवाई को भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच का हिस्सा बताया जा रहा है।

फिलहाल जांच एजेंसी गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले में टेंडर प्रक्रिया, कथित वित्तीय लेनदेन और फैसलों की भूमिका से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।

दिल्ली जल बोर्ड की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजनाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण से जुड़े टेंडरों में कथित अनियमितताओं को लेकर यह मामला सामने आया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं और यदि हुआ तो इससे किन लोगों या कंपनियों को फायदा पहुंचा।

मामले में गिरफ्तारियां होने के बावजूद आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। आरोपियों की दोषसिद्धि अदालत के अंतिम निर्णय के बाद ही तय होगी।