नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।
नई दिल्ली। दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया के तहत सोमवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई। इसमें 97,53,577 मतदाताओं के नाम शामिल हैं। वहीं, 47,56,722 नाम सूची से हटाए गए हैं।
1.45 करोड़ मतदाताओं में 97.53 लाख ने फॉर्म जमा किया
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, मतदाता सूची की जांच के दौरान कुल 1,45,10,299 मतदाताओं में से 97,53,577 लोगों ने गणना फॉर्म जमा किए। यह कुल मतदाताओं का 67.22 प्रतिशत है।
घर-घर जाकर किए गए सत्यापन के दौरान 47,56,722 फॉर्म नहीं मिल सके। इनमें 43,32,775 मतदाता अनुपस्थित, दूसरी जगह जा चुके या अन्य श्रेणी में पाए गए। वहीं, 2,82,412 मतदाताओं की मौत हो चुकी थी। इसके अलावा 1,41,535 मतदाता ऐसे मिले, जिनके नाम एक से अधिक जगह दर्ज थे।
ड्राफ्ट सूची में 49.88 लाख पुरुष और 47.64 लाख महिलाएं
ड्राफ्ट मतदाता सूची में 49,88,993 पुरुष, 47,64,137 महिलाएं और 447 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
सूची में 18 से 19 वर्ष की उम्र वाले 1,03,870 मतदाता हैं। वहीं, 85 वर्ष से अधिक उम्र के 40,871 और 100 वर्ष से अधिक उम्र के 189 मतदाता दर्ज हैं।
विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो मटियाला में सबसे ज्यादा 3,33,057 मतदाता हैं। वहीं, दिल्ली कैंट में सबसे कम 41,654 मतदाता हैं। मटियाला में 430 और दिल्ली कैंट में 90 पोलिंग स्टेशन हैं।
छूटे पात्र मतदाताओं को नाम जुड़वाने का मौका
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि जो पात्र मतदाता गणना अवधि में फॉर्म जमा नहीं कर पाए हैं, उन्हें नाम शामिल कराने का एक और मौका दिया गया है।
31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। इसके लिए फॉर्म-6 के साथ तय शपथ फॉर्म जमा करना होगा। वहीं, गलत नाम शामिल होने पर फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। पता या अन्य जानकारी में सुधार के लिए फॉर्म-8 के जरिए आवेदन किया जा सकता है।
दिल्ली में बढ़े पोलिंग स्टेशन
एसआईआर के तहत दिल्ली में पोलिंग स्टेशनों की संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले एक पोलिंग स्टेशन पर अधिकतम 1,500 मतदाताओं की सीमा थी, जिसे घटाकर 1,200 कर दिया गया है। इसके बाद पोलिंग स्टेशनों की संख्या 13,033 से बढ़कर 14,947 हो गई है।
वहीं, पोलिंग स्टेशन वाली जगहों की संख्या 2,696 से बढ़कर 2,856 हो गई है।
कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाने से पहले नोटिस, जांच और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा।
एसआईआर के कार्यक्रम के अनुसार चार नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।







