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दीघा समुद्र तट पर सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने 50 हजार टन बालू से उकेरी महादेव की प्रतिमा

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना।

दिया 'विश्व शांति' का कड़ा संदेश। बिहार के सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने 20 फीट ऊंची महादेव की कलाकृति से युद्धग्रस्त दुनिया को दिया शांति, प्रेम और मानवता का संदेश।

दीघा समुद्र तट पर रेत से गूंजा ‘ॐ नमः शिवाय’, महादेव के चरणों में विश्व शांति की प्रार्थना।

कोलकत्ता। सावन के पवित्र महीने में, जहाँ एक ओर पूरा देश शिवभक्ति में लीन है, वहीं बिहार के विश्वविख्यात सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने अपनी कला के माध्यम से एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल की है।

सावन सोमवारी के पावन अवसर पर दुनिया भर में गहराते युद्ध के संकट और अशांति से व्यथित होकर बिहार के अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध दीघा बीच (कोलकाता से लगभग 180 किमी) पर रेत की एक अद्भुत कलाकृति का निर्माण किया है।

लगभग 50 हजार टन बालू के उपयोग से तैयार की गई 20 फीट ऊंची इस दिव्य प्रतिमा के माध्यम से उन्होंने वैश्विक पटल पर फैली हिंसा को रोककर 'विश्व शांति' (Pray For World Peace) का मार्मिक संदेश दिया है।

कलाकृति में भगवान शिव का विशाल स्वरूप, उनके साथ नाग देवता, शिवलिंग और महादेव की आराधना करते श्रद्धालु को बेहद कलात्मक ढंग से दर्शाया गया है। वहीं कलाकृति के सामने रेत पर “ॐ नमः शिवाय” और “Pray For World Peace” लिखकर कलाकार ने दुनिया के लोगों से शांति और सद्भाव की अपील की है।

महादेव के साथ नाग देवता का संदेश

कलाकृति में भगवान शिव के गले में विराजमान नाग देवता को विशेष रूप से उकेरा गया है। सनातन परंपरा में नाग भगवान शिव से जुड़े प्रमुख प्रतीकों में माने जाते हैं। सैंड आर्ट के माध्यम से नाग को शामिल कर कलाकार ने प्रकृति, आध्यात्मिकता और शिव तत्व के साथ शांति का संदेश जोड़ा है।

शिवलिंग में आस्था और आध्यात्मिकता का भाव

कलाकृति के एक हिस्से में शिवलिंग बनाया गया है, जिसके समीप पुष्प अर्पित किए गए हैं। यह दृश्य श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक नजर आता है। समुद्र तट पर रेत से निर्मित शिवलिंग पूरी कलाकृति को धार्मिक और आध्यात्मिक भाव प्रदान करता है।

शिव चरणों में झुका श्रद्धालु—मानवता की प्रार्थना

कलाकृति के अग्रभाग में एक श्रद्धालु को भगवान शिव के चरणों में नतमस्तक होकर प्रार्थना करते हुए दिखाया गया है। यह पात्र केवल एक भक्त का चित्रण नहीं, बल्कि युद्ध और हिंसा से परेशान मानवता की ओर से शांति की प्रार्थना का प्रतीक है। कलाकार ने इसके माध्यम से संदेश दिया है कि आज पूरी दुनिया को युद्ध नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा और शांति की आवश्यकता है।

रेत पर लिखा संदेश बना आकर्षण

कलाकृति के सामने रेत से उकेरा गया “ॐ नमः शिवाय” आध्यात्मिक आस्था को दर्शाता है, जबकि “Pray For World Peace” पूरी कलाकृति के उद्देश्य को स्पष्ट करता है। महादेव के विशाल स्वरूप के साथ यह संदेश समुद्र तट पर आने वाले लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

समुद्र, रेत और महादेव—प्रकृति के बीच शांति का संदेश

दीघा के समुद्र तट पर लहरों के सामने बनाई गई इस कलाकृति में समुद्र, रेत, हरियाली और महादेव के स्वरूप का सुंदर संयोजन देखने को मिलता है। कलाकार ने प्राकृतिक परिवेश को ही अपनी कलाकृति का हिस्सा बनाते हुए यह संदेश देने का प्रयास किया कि प्रकृति और मानवता दोनों की रक्षा के लिए विश्व में शांति जरूरी है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई कलाकृति, पर्यटकों की उमड़ी भीड़

सावन के इस पवित्र महीने में महादेव से विश्व शांति की प्रार्थना करती मधुरेंद्र की यह कलाकृति सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। देश-विदेश के कला प्रेमी और दीघा बीच पर आने वाले हजारों पर्यटक इस विशाल सैंड आर्ट को देखकर अभिभूत हैं।

रेत, समुद्र और महादेव का अद्भुत संगम

दीघा के समुद्र तट पर बनाई गई इस कलाकृति में समुद्र की लहरों, आसमान, रेत और विशाल महादेव को एक साथ जोड़ा गया है। प्राकृतिक परिवेश के बीच बनी यह सैंड आर्ट लोगों को धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण और मानवता के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश देती है।

मधुरेंद्र कुमार ने दिया युद्ध के विरुद्ध शांति का संदेश

सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने कहा कि दुनिया में कहीं भी युद्ध होता है तो उसका दर्द केवल उस देश तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी मानवता प्रभावित होती है।"आज पूरा विश्व युद्ध की आग में जल रहा है। सावन सोमवारी पर महादेव की शरण में प्रार्थना ही एक मार्ग है कि विश्व में फिर से अमन, भाईचारा और शांति स्थापित हो सके। कला हमेशा शांति का माध्यम रही है और इस कृति से मेरा उद्देश्य दुनिया को युद्ध छोड़कर शांति अपनाने का संदेश देना है।" सावन में महादेव से उनकी प्रार्थना है कि दुनिया के सभी देशों में शांति स्थापित हो, युद्ध समाप्त हों और मानव जीवन सुरक्षित रहे।

बिहार की मिट्टी से निकली कला, दीघा से विश्व शांति की आवाज

बिहार के इस रेत कलाकार की पहचान देश-विदेश में सैंड आर्ट के क्षेत्र में बनी है। धार्मिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों को रेत के माध्यम से प्रस्तुत करने वाले मधुरेंद्र कुमार ने इस बार महादेव की कलाकृति को विश्व शांति के संदेश से जोड़कर अपनी कला को मानवता के व्यापक सरोकार से जोड़ा है।

दीघा के समुद्र तट पर बनी यह कलाकृति लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। महादेव का विराट स्वरूप, नाग देवता, शिवलिंग, चरणों में नतमस्तक भक्त और ‘Pray For World Peace’ का संदेश मिलकर एक ऐसी तस्वीर पेश करते हैं, जिसका भाव स्पष्ट है—युद्ध नहीं, शांति चाहिए; हिंसा नहीं, मानवता चाहिए। 

“ॐ नमः शिवाय… विश्व में शांति हो, मानवता की जीत हो।”

उल्लेखनीय है कि बिहार के निवासी मधुरेंद्र कुमार पूर्व में भी अपनी इस विशिष्ट कला के बल पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ज्वलंत सामाजिक व वैश्विक मुद्दों को रेखांकित करते रहे हैं। उनकी इस नवीनतम कृति को हर ओर से व्यापक सराहना मिल रही है।