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नक्सल मोर्चे के 'हीरो' IPS सुंदरराज पी. बने NIA के नए IG

नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय |

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में माओवाद के खिलाफ एक मजबूत दीवार बनकर खड़े रहने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी. को एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 16 जून 2026 को जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, 2003 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी. को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) के पद पर प्रतिनियुक्ति (Deputation) के तहत नियुक्त किया गया है।

केंद्र सरकार ने रिक्त पद के विरुद्ध यह कदम उठाया है और छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव तथा पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखकर उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया है ताकि वे जल्द से जल्द अपनी नई राष्ट्रीय जिम्मेदारी संभाल सकें। आईपीएस सुंदरराज पी. की गिनती छत्तीसगढ़ पुलिस के सबसे अनुभवी, रणनीतिक रूप से कुशल और जांबाज अधिकारियों में होती है। वे पिछले करीब पांच वर्षों से देश के सबसे संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण माने जाने वाले बस्तर क्षेत्र में आईजी के पद पर तैनात थे। बस्तर में उनके इस लंबे कार्यकाल को हमेशा याद रखा जाएगा, क्योंकि उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ कई ऐतिहासिक और बड़े ऑपरेशन सफलतापूर्वक संचालित किए, जिससे नक्सली संगठनों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने न केवल माओवादी गतिविधियों और उनकी फंडिंग पर कड़ा प्रहार किया, बल्कि सुरक्षा और जनसंपर्क के एक बेहतरीन 'बस्तर मॉडल' को भी जन्म दिया, उन्होंने स्थानीय आदिवासियों का विश्वास जीतकर कम्युनिटी पुलिसिंग और विकास कार्यों को बढ़ावा दिया, जिससे देश भर में उनके काम की सराहना हुई।  

मूल रूप से तमिलनाडु के कोयंबटूर के रहने वाले और कृषि पृष्ठभूमि (B.Sc. Agriculture) से आने वाले सुंदरराज पी. ने साल 2003 में यूपीएससी परीक्षा पास की थी। जमीनी स्तर पर रहकर काम करने वाले इस जांबाज अधिकारी की एनआईए में यह नियुक्ति उनके बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड का इनाम मानी जा रही है, चूंकि एनआईए देश भर में आतंकवाद, उग्रवाद, नक्सल फंडिंग और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े मामलों की जांच करने वाली सर्वोच्च एजेंसी है, इसलिए छत्तीसगढ़ जैसे घोर नक्सल प्रभावित राज्य में काम करने का उनका यह गहरा अनुभव राष्ट्रीय स्तर पर आतंक और संगठित अपराध के खिलाफ जांच को और अधिक मजबूत बनाने में बेहद उपयोगी साबित होगा, इस नियुक्ति को छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए भी एक बेहद गौरवपूर्ण और सम्मान का क्षण माना जा रहा  है।