लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती ।
सीवान: दरौंदा प्रखंड क्षेत्र के मिल्की, हड़सर, हाथोपुर, कोड़ारी कलां होते हुए कमसड़ा तक जाने वाली सिंचाई नहर में पानी नहीं रहने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान का बिचड़ा तैयार करने के लिए पानी की आवश्यकता है, लेकिन नहर सूखी रहने के कारण किसान निजी साधनों से सिंचाई करने को मजबूर हैं।
हड़सर और कोलुआ गांव सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि समय पर नहर में पानी नहीं पहुंचा तो धान की रोपाई प्रभावित हो सकती है। नहर पर निर्भर सैकड़ों किसानों की बिचड़ा फसल सूखने के कगार पर है, जिससे उनकी लागत डूबने का खतरा मंडरा रहा है। किसानों ने कर्ज लेकर महंगे बीज और खाद खरीदे हैं।
किसान उपेंद्र कुमार साह ने बताया कि नहर में पानी नहीं रहने से फसल बचाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सिंचाई विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।







