नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, चुनाव व्यवस्था में सुधार नहीं होता और लोगों को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
‘दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया’
राहुल गांधी ने सोमवार को नई दिल्ली में विशेष संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है और लोगों को राजधानी पहुंचने से रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों के साथ मारपीट की जा रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही है।
राहुल ने दावा किया कि पुलिसकर्मी भी मौजूदा हालात से परेशान हैं और उनमें से कई विपक्ष के आंदोलन को सही मानते हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई उनके साथ है और वे न थकेंगे, न रुकेंगे और लड़ते रहेंगे।
मोदी-शाह और ज्ञानेश कुमार पर निशाना
राहुल गांधी ने कहा कि पुलिस, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, जनता और विपक्षी दल एक तरफ हैं, जबकि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और ज्ञानेश कुमार हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोग महिलाओं और युवाओं के खिलाफ हिंसा कर प्रदर्शनकारियों को निशाना बना रहे हैं।
सरकारी अधिकारियों से जानकारी मिलने का दावा
राहुल गांधी ने दावा किया कि मोदी सरकार के करीब 200 अधिकारी उनके संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और विदेश मंत्रालय के भीतर से उन्हें लगातार सूचनाएं मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं के अधिकार छीने जाने को लेकर लोग सवाल पूछ रहे हैं।
मुख्य न्यायाधीश को लिखा था पत्र
राहुल गांधी ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उन्होंने लोकतंत्र तथा चुनाव की निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा था। उनके मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश ने जवाब में याचिका दायर करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेता अब मिलकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और याचिका दायर करेंगे।
‘संविधान की रक्षा तक जारी रहेगा आंदोलन’
राहुल गांधी ने लोगों से जन आंदोलन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा में विश्वास रखने वाले सभी दलों के लोग इस लड़ाई का हिस्सा बनेंगे।
उन्होंने दोहराया कि संविधान की रक्षा, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, चुनाव व्यवस्था में सुधार और देश के लोगों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
तीन दिनों के विरोध प्रदर्शन का किया जिक्र
राहुल गांधी ने विरोध प्रदर्शन के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि पहले दिन चुनाव आयोग जाते समय विपक्षी नेताओं को रोका गया और बस में बैठाया गया। दूसरे दिन जंतर-मंतर जाते समय भी उन्हें रोका गया और धक्का-मुक्की हुई। तीसरे दिन विपक्षी नेताओं ने राजघाट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा।
युवाओं से आंदोलन में शामिल होने की अपील
कांग्रेस नेता ने युवाओं से हर दिन लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी से डरे बिना आंदोलन से पीछे नहीं हटना चाहिए।
राहुल गांधी ने इस आंदोलन की तुलना भगवान शिव के तांडव और शिव की बारात से की। उन्होंने कहा कि यह लोक कल्याण के लिए है, इसमें कुछ भी पहले से तय नहीं होता और कोई भी इसमें शामिल हो सकता है।







