स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना।
पटना: अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. पुरुषोत्तम दुबे को वराहमिहिर गोल्ड मेडल
बीरगंज। भारत के बिहार राज्य की राजधानी पटना स्थित प्रतिष्ठित चाणक्य होटल में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष, वास्तु एवं तंत्र सम्मेलन–2026’ में नेपाल के प्रख्यात ज्योतिषविद् तथा विश्व ज्योतिष महासंघ (एशिया) के उपाध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम दुबे को ‘वराहमिहिर अवार्ड’ (गोल्ड मेडल) से सम्मानित किया गया।ज्योतिष शास्त्र के क्षेत्र में पिछले दो दशकों से उनके महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय योगदान तथा विश्वभर के विद्वानों को एकजुट करने में निभाई गई नेतृत्वकारी भूमिका की सराहना स्वरूप यह सम्मान प्रदान किया गया। 04 से 06 अप्रैल तक आयोजित तीन दिवसीय भव्य सम्मेलन के अवसर पर डॉ. दुबे को संस्कृत विहार बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय झा और भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान द्वारा संयुक्त रूप से स्वर्ण पदक एवं प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में भारत और नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों के वरिष्ठ विद्वानों की गरिमामयी उपस्थिति रही।सन् 2006 से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय डॉ. दुबे ने दो दशकों की निरंतर साधना से ज्योतिष के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है। सम्मेलन के ज्यूरी और विशेषज्ञों ने दक्षिण एशिया समन्वय समिति के माध्यम से ज्योतिष विद्वानों के बीच सेतु की भूमिका निभाने के लिए उनकी सराहना की।डॉ. दुबे को इससे पूर्व ‘ज्योतिष सम्राट’, ‘ज्योतिष महर्षि’, ‘ज्योतिष दिवाकर’, ‘ग्लोबल ज्योतिष श्रेष्ठम’, ‘ज्योतिष नवरत्न’ तथा ‘ज्योतिष सागर’ जैसी कई अंतर्राष्ट्रीय उपाधियाँ भी प्राप्त हो चुकी हैं।
इस सम्मेलन के सफल आयोजन में पटना के आचार्य अशोक मिश्रा तथा नेपाल पंचांग निर्णय विकास समिति के विद्वान लक्ष्मण पंथी का विशेष समन्वय रहा। डॉ. दुबे को मिला यह सम्मान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नेपाल की ज्योतिषीय प्रतिष्ठा और बौद्धिक क्षमता को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. दुबे ने इसे अपने गुरु स्वर्गीय टीकाराम भूशाल तथा विश्व ज्योतिष महासंघ के संस्थापक डॉ. लोकराज पौडेल के आशीर्वाद का परिणाम बताया। साथ ही, एशिया उपाध्यक्ष के रूप में वे दक्षिण एशियाई देशों में ज्योतिष शास्त्र के अध्ययन, अनुसंधान और प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।






