Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी ने नेतन्याहू से की बात; शांति और नागरिक सुरक्षा की अपील

नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय 

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालातों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर उच्च स्तरीय बातचीत की। इस चर्चा का मुख्य केंद्र ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हालिया सैन्य हमलों के बाद उपजा तनाव और क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता रही। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की कि संघर्ष के कारण निर्दोष आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। उन्होंने स्पष्ट रूप से जोर दिया कि किसी भी सैन्य कार्रवाई के दौरान मानवीय दृष्टिकोण और आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए।

बातचीत के दौरान, श्री मोदी ने दोहराया कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और उन्होंने जल्द से जल्द शत्रुता समाप्त करने (Cessation of hostilities) की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भी इस संवाद की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता की बहाली के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या और उसके बाद ईरान द्वारा किए गए जवाबी मिसाइल हमलों ने पूरे क्षेत्र को युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है।

भारत के लिए यह स्थिति न केवल कूटनीतिक बल्कि आर्थिक और सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील है। पश्चिम एशिया में लगभग 96 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं, जिनकी सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसी गंभीरता को देखते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार रात स्वदेश लौटते ही मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति (CCS) की एक आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता की। हालांकि आपने इसे 'आर्थिक मामलों की समिति' (CCEA) के रूप में उल्लेख किया है, लेकिन आधिकारिक तौर पर यह बैठक रणनीतिक और सुरक्षा मामलों के लिए सर्वोच्च निकाय CCS की थी। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की मदद के लिए 'इमरजेंसी हेल्पलाइन' सक्रिय करने और आवश्यकता पड़ने पर निकासी योजना तैयार रखने के निर्देश दिए। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तेल आपूर्ति पर पड़ने वाले संभावित असर की भी समीक्षा की गई। भारत का यह कदम वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में उसकी भूमिका को दर्शाता है, जो न केवल अपने नागरिकों के हितों की रक्षा कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए भी सक्रिय प्रयास कर रहा है।