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पश्चिम एशिया संकट से एयरलाइंस उद्योग पर बढ़ा दबाव

बिजनेस डेस्क, मुस्कान सिंह ।

रियो डी जेनेरियो : पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और विमान ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों का असर वैश्विक विमानन उद्योग पर पड़ता दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आयटा) ने चेतावनी दी है कि मौजूदा परिस्थितियों के कारण वर्ष 2026 में विमान सेवा कंपनियों के मुनाफे में भारी गिरावट आ सकती है।

आयटा द्वारा जारी नवीनतम वित्तीय पूर्वानुमान में कहा गया है कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में संघर्ष और उससे उत्पन्न परिचालन व्यवधानों के कारण एयरलाइंस कंपनियों की लागत में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही जेट ईंधन की ऊंची कीमतों ने विमानन कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर अतिरिक्त दबाव बनाया है।
रिपोर्ट के अनुसार, कई एयरलाइंस को अपने उड़ान मार्गों में बदलाव करना पड़ रहा है, जिससे यात्रा की अवधि और परिचालन खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। ईंधन लागत में वृद्धि और अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों के कारण विमानन उद्योग की लाभ कमाने की क्षमता प्रभावित हो रही है।

आयटा का अनुमान है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का दौर जारी रहा, तो इस वर्ष एयरलाइंस कंपनियों का कुल मुनाफा पहले के अनुमान की तुलना में लगभग आधा रह सकता है। इससे उद्योग की विकास गति पर भी असर पड़ने की आशंका है।
 वैश्विक विमानन क्षेत्र अभी भी महामारी के बाद पूरी तरह स्थिर होने की प्रक्रिया में है। ऐसे समय में बढ़ती लागत, अंतरराष्ट्रीय संघर्ष और ईंधन बाजार में अस्थिरता एयरलाइंस कंपनियों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर रही हैं। हालांकि उद्योग को उम्मीद है कि वैश्विक यात्रा मांग मजबूत बनी रहने से कुछ हद तक इस दबाव को संतुलित किया जा सकेगा।
आयटा ने सरकारों और संबंधित एजेंसियों से विमानन क्षेत्र के सामने मौजूद चुनौतियों पर ध्यान देने और वैश्विक हवाई परिवहन व्यवस्था को स्थिर बनाए रखने के लिए सहयोगात्मक कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया है।