Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

पुरुष ही नहीं, महिलाएं भी दिखाएंगी दम: जमुई में दंगल का महासंग्राम

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

  • इस दंगल प्रतियोगिता में पुरुष एवं महिला पहलवान दिखाएंगे अपना दम 

  • विजेता को पुरस्कार में मिलेगी चांदी की गदा और एक लाख रूपये की नकद पुरस्कार राशि 

  • बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और राज्य कुश्ती एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है प्रतियोगिता का आयोजन  

पटना। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण एवं कुश्ती एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में मल्लयुद्ध की पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए शनिवार से दो दिवसीय “माटी का बल–दंगल” का आयोजन जमुई स्थित एसके सिंह मेमोरियल स्टेडियम में किया जा रहा है। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले मल्लयुद्ध को इस वर्ष “दंगल” के नाम पर आयोजित किया जाएगा। इस मल्लयुद्ध प्रतियोगिता में पुरुष में कुल 158 और महिला वर्ग में कुल 21 खिलाड़ी भाग लेंगे। 

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी रविन्द्रन शंकरण ने बताया कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से मल्लयुद्ध के प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच प्रदान किया जा रहा है। “माटी का बल–दंगल” प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पहलवान को चांदी की गदा से सम्मानित किया जाता है, जो शक्ति, अनुशासन और उत्कृष्टता का प्रतीक है। रविन्द्रन शंकरण ने बताया कि वर्ष 1954 में निर्मित चांदी की यह गदा बिहार की पारंपरिक मल्लयुद्ध की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। वर्ष 1975 में बिहार केसरी बने विश्वनाथ सिंह जी को यह गदा सम्मान स्वरूप प्रदान की गई थी और तभी से यह दंगल में सर्वोच्च उपलब्धि की पहचान बनी हुई है। 

इतना ही नहीं इस प्रतियोगिता के विजेताओं को नकद पुरस्कार राशि से भी पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले पहलवान को एक लाख रूपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 50 हजार रूपये और तृतीय स्थान हासिल करने वाले को 25 हजार रूपये की नकद राशि पुरस्कार के रूप में दी जाएगी। खेल प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ियों का पंजीकरण बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया गया है। 

179 पुरुष व महिला खिलाड़ी आजमाएंगे जोर

इस प्रतियोगिता में कुल 179 खिलाड़ी इस दंगल प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुरुष वर्ग के 50 से 60 वजन वर्ग में कुल 66, 60 से 70 किलो वर्ग में 42, 70 से 80 किलो वर्ग में 21, 80 से 90 किलो वर्ग में 16 और 90 से अधिक के वजन वर्ग में 13 खिलाड़ी शिरकत करेंगे। इसी तरह महिलाओं के 50 से 60 किलो वर्ग में 14 तथा 60 किलो से अधिक वजन वर्ग में कुल सात खिलाड़ी अखाड़े में जोर-आजमाइश करते नजर आएंगे।