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पूर्वी चंपारण: जीतिया पर्व के दिन 3 बच्चियों की गंडक में डूबने से मौत

लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।

पूर्वी चंपारण: पति और पुत्र के दीर्घायु जीवन की कामना के लिए किए जाने वाले जीतिया पर्व के दिन मोतिहारी में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है। मलाही थाना क्षेत्र के चेटिया दियार गाँव में गंडक नदी में स्नान करने गईं तीन बच्चियों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। इस दुखद हादसे ने पूरे गाँव को शोक में डुबो दिया है।

यह घटना आज सुबह उस समय हुई जब जीतिया पर्व के अवसर पर गाँव की कई महिलाएं और लड़कियाँ गंडक नदी में स्नान करने के लिए गईं थीं। मृतकों की पहचान मलाही डीह वार्ड संख्या आठ निवासी जगदीश महतो की 10 वर्षीय पुत्री परी कुमारी, उमेश महतो की 11 वर्षीय पुत्री प्रियंका कुमारी, और राजकुमार महतो की 12 वर्षीय पुत्री संध्या कुमारी के रूप में हुई है।
बताया जाता है कि ये तीनों बच्चियां नहाते समय नदी की "सोती" (गहराई वाले स्थान) में चली गईं और देखते ही देखते गहरे पानी में समा गईं। जब तक लोग कुछ समझ पाते और उन्हें बचाने का प्रयास करते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

घटना की खबर जंगल की आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई। आनन-फानन में सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। स्थानीय गोताखोरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद तीनों बच्चियों के शवों को पानी से बाहर निकाला गया। जब शव बाहर लाए गए, तो वहां मौजूद परिजनों की चीख-पुकार से पूरा वातावरण गमगीन हो गया। सूचना मिलने पर अरेराज के राजस्व पदाधिकारी विनोद कुमार पांडेय और मलाही थाना अध्यक्ष करण कुमार सिंह तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। राजस्व पदाधिकारी ने बताया कि शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेजा जा रहा है। उन्होंने परिजनों को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
इस हृदय विदारक घटना ने जीतिया पर्व की खुशियों को मातम में बदल दिया है। हर कोई इन बच्चियों की असमय मौत से स्तब्ध है। गाँव में हर तरफ शोक का माहौल है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना एक बार फिर नदी किनारे पर्व-त्योहारों के दौरान सुरक्षा के उपायों पर विचार करने की आवश्यकता को उजागर करती है।