स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार।
पूर्वी चंपारण जिले में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। बिहार एनडीए सरकार ने नए वर्ष की शुरुआत में एक व्यापक विकास योजना पर काम शुरू किया है, जिसके तहत बेतिया राज की 665 एकड़ भूमि पर मेगा फूड पार्क और औद्योगिक हब की स्थापना की जाएगी।
बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) द्वारा बेतिया राज की कुल 665 एकड़ जमीन का भौतिक निरीक्षण पूरा कर लिया गया है और इसका विस्तृत ब्लूप्रिंट राज्य सरकार को सौंप दिया गया है। यह परियोजना पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा प्रखंड के अहिरौलिया और दुबौलिया क्षेत्रों के साथ-साथ रक्सौल इलाके में लागू की जाएगी।
रामगढ़वा प्रखंड के अहिरौलिया और दुबौलिया क्षेत्र में काठमांडू-दिल्ली एशियन हाईवे 42ए से सटे पिपरपाती रोड के दोनों ओर लगभग 560 एकड़ भूमि पर मेगा फूड पार्क विकसित करने की योजना है। यह क्षेत्र भविष्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा। बेहतर आवागमन के लिए आसपास की सड़कों को फोरलेन मानकों के अनुरूप चौड़ा करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय सीमा के समीप स्थित रक्सौल क्षेत्र में भी औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार देने की तैयारी है। यहां हरदिया में 80 एकड़ तथा कनना गांव में 25 एकड़ भूमि पर औद्योगिक हब विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रक्सौल की सीमावर्ती स्थिति को देखते हुए, यहां फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना से भारत-नेपाल व्यापार को नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस पूरी मेगा परियोजना का सबसे सकारात्मक असर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के रूप में देखने को मिलेगा। चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व सचिव आलोक श्रीवास्तव के अनुसार, इन उद्योगों के स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों की ओर होने वाले पलायन में उल्लेखनीय कमी आएगी।







