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पूर्व IPS अमिताभ दास के फ्लैट पर छापेमारी, विवादित टिप्पणियों और भ्रामक पोस्ट मामले में बड़ी कार्रवाई

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

पटना। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। राजधानी पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र स्थित उनके अपार्टमेंट फ्लैट में पुलिस और विशेष टीम द्वारा छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई चित्रगुप्त नगर थाना कांड संख्या 44/26 से जुड़े मामले में की जा रही है, जो शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत और उससे जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट से संबंधित बताया जा रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमिताभ दास पर आरोप है कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस संवेदनशील मामले में अपशब्दों का प्रयोग किया और भ्रामक जानकारी प्रसारित की, जिससे जांच प्रभावित होने की आशंका जताई गई। फिलहाल पुलिस टीम उनके आवास पर दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

विवादों से पुराना नाता, सरकार पर लगातार हमलावर

अमिताभ दास पूर्व में भी अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। वे कई बार केंद्र और राज्य सरकार पर तीखी और विवादास्पद टिप्पणियां कर चुके हैं। वर्ष 2018 में उन्हें सेवा से अयोग्य घोषित करते हुए जबरन सेवानिवृत्त कर दिया गया था। उस समय यह भी चर्चा में रहा कि उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) नहीं लिखवाई थी।

यौन शोषण के आरोपों को लेकर भी रहे विवादों में

अमिताभ दास का नाम पहले भी गंभीर आरोपों से जुड़ चुका है। वर्ष 2006 में एक महिला ने उन पर यौन शोषण और शादी का झूठा वादा करने का आरोप लगाया था। उस समय वे जमुई में BMP-11 के कमांडेंट के पद पर तैनात थे। महिला ने दावा किया था कि कई वर्षों तक उनका संपर्क रहा और शादी का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में उन्होंने वादा पूरा नहीं किया।

इसके अलावा, देवघर में एसपी के रूप में पदस्थापन के दौरान भी एक विदेशी महिला के साथ कथित छेड़छाड़ का आरोप लगने की बात सामने आई थी। हालांकि इन मामलों में आधिकारिक स्तर पर क्या कार्रवाई हुई, इस पर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं।

सरकारी प्रतीक के कथित दुरुपयोग पर भी सवाल

सूत्रों के अनुसार, सेवानिवृत्ति के बाद भी अमिताभ दास द्वारा अपने निजी लेटर पैड पर भारत सरकार के राज्य प्रतीक (Government Emblem) का उपयोग किए जाने का आरोप है। नियमों के अनुसार, सेवानिवृत्त अधिकारी द्वारा सरकारी प्रतीक का निजी उपयोग करना “भारत का राज्य प्रतीक (अनुचित उपयोग निषेध) अधिनियम, 2005” और संबंधित नियमों के तहत दंडनीय हो सकता है।

पुलिस की कार्रवाई जारी, बढ़ सकती हैं कानूनी मुश्किलें

ताजा छापेमारी के बाद अमिताभ दास की कानूनी परेशानियां बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस कार्रवाई ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या नए खुलासे होते हैं और आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।