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पेजेश्कियन: ईरान, समझौते के बावजूद हर हालात के लिए तैयार

विदेश डेस्क, ऋषि राज |

तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका के साथ हुए हालिया शांति समझौते को युद्धविराम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है, लेकिन साथ ही साफ किया है कि ईरान किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच 19 जून को स्विट्जरलैंड में आधिकारिक हस्ताक्षर की तैयारी चल रही है।

पेजेश्कियन ने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव को कम करना और लंबे समय से जारी संघर्ष को समाप्त करना है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए अभी कई चरण बाकी हैं। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और किसी भी स्थिति में उनसे समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मार्गदर्शन में तैयार किया गया यह मसौदा ईरान के हितों की रक्षा करेगा। पेजेश्कियन ने स्पष्ट किया कि अगर अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करता है तो यह समझौता पश्चिम एशिया में स्थिरता ला सकता है।

विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान ईरान की दोहरी रणनीति को दिखाता है—एक तरफ कूटनीतिक समाधान और दूसरी तरफ सैन्य तैयारी। इससे संकेत मिलता है कि तेहरान बातचीत को आगे बढ़ाना चाहता है लेकिन दबाव की राजनीति स्वीकार नहीं करेगा।

ईरान के इस रुख को क्षेत्रीय देशों ने भी गंभीरता से लिया है। खासकर सऊदी अरब, ओमान और कतर जैसे देशों ने इस समझौते का समर्थन किया है। अब दुनिया की नजर 19 जून को होने वाले आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह पर टिकी है, जो पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।