नेशनल डेस्क, वेरॉनिका राय ।
मुंबई: दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार राम चरण अपनी आने वाली फिल्म पेड्डी को लेकर लगातार चर्चा में हैं। फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद दर्शकों के बीच इसका उत्साह और बढ़ गया है। खास बात यह है कि इस बार राम चरण किसी बड़े गैंगस्टर, तस्कर या ताकतवर एंटी-हीरो के रूप में नहीं, बल्कि आम लोगों के दर्द और गुस्से की आवाज बनकर नजर आ रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय मसाला फिल्मों में एंटी-हीरो का चलन तेजी से बढ़ा है। बड़े सितारे ऐसे किरदार निभा रहे हैं जो कानून से ऊपर, हिंसक या डर पैदा करने वाले होते हैं। लेकिन ‘पेड्डी’ इस ट्रेंड से अलग दिखाई देती है। फिल्म में हीरो का गुस्सा निजी बदले के लिए नहीं, बल्कि समाज और अपने लोगों के सम्मान के लिए दिखाया गया है।
ट्रेलर में ‘पेड्डी’ को किसी अजेय सुपरहीरो की तरह नहीं दिखाया गया। वह गांव की मिट्टी से जुड़ा एक साधारण इंसान नजर आता है, जो अपने इलाके और लोगों की पहचान बचाने के लिए लड़ता है। फिल्म में क्रिकेट, कुश्ती और दौड़ जैसे खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि संघर्ष और सम्मान की लड़ाई की तरह दिखाए गए हैं।
ट्रेलर के कई दृश्य दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं। भीड़ का शोर, खिलाड़ियों का मिट्टी में गिरना और लोगों का गुस्सा यह एहसास दिलाता है कि कहानी सिर्फ एक इंसान की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है।
राम चरण इससे पहले ‘मगधीरा’, ‘ध्रुवा’ और RRR जैसी फिल्मों में दमदार और बड़े किरदार निभा चुके हैं। लेकिन ‘पेड्डी’ में उनका अंदाज पहले से बिल्कुल अलग दिखाई दे रहा है। यहां उनका किरदार ज्यादा खुरदरा, भावुक और वास्तविक लगता है। वह किसी चमकदार सुपरस्टार की तरह नहीं, बल्कि संघर्ष से भरे आम आदमी की तरह नजर आते हैं।
फिल्म के निर्देशक बुची बाबु सना पहले भी सामाजिक मुद्दों को अपनी फिल्मों में दिखा चुके हैं। ‘पेड्डी’ में भी गांव की राजनीति, मेहनतकश लोगों की जिंदगी, समाज में ऊंच-नीच और सम्मान की लड़ाई को बड़े स्तर पर दिखाने की कोशिश की गई है। खबरों के अनुसार फिल्म की कहानी एक दिहाड़ी मजदूर की जिंदगी से प्रेरित बताई जा रही है।
आज की कई फिल्मों में हीरो आम लोगों से अलग और बहुत बड़ा दिखाया जाता है, लेकिन ‘पेड्डी’ में राम चरण भीड़ के बीच खड़े नजर आते हैं। वह संघर्ष करते हैं, चोट खाते हैं, दौड़ते हैं और लोगों के साथ मिलकर लड़ते दिखाई देते हैं। यही बात इस किरदार को खास बनाती है।
फिल्म को लेकर दर्शकों की भावनाएं भी काफी मजबूत दिखाई दे रही हैं। लोगों को लग रहा है कि लंबे समय बाद पर्दे पर ऐसा हीरो देखने को मिलेगा जो अपनी मिट्टी, अपने गांव और अपने लोगों से जुड़ा हुआ है।
ऐसे समय में जब फिल्मों में कई बार विलेन जैसे किरदारों को हीरो बनाकर पेश किया जा रहा है, ‘पेड्डी’ एक बार फिर असली जननायक वाले हीरो की याद दिलाती नजर आ रही है।







