Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

पैगंबर मोहम्मद विरोध का विषय नहीं: मौलाना महमूद मदनी

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी |

"पैगंबर मोहम्मद विरोध का विषय नहीं" – मौलाना महमूद मदनी की अपील

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने पैगंबर मोहम्मद के नाम पर विरोध और प्रतिक्रिया से बचने की अपील की है। उन्होंने मुस्लिम युवाओं से धैर्य और कानूनी तरीके से अपनी बात रखने को कहा। मदनी ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और सरकार से धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने का आग्रह किया।

‘आई लव मोहम्मद’ के नाम पर उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में जारी प्रदर्शनों के बीच मौलाना मदनी ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद के व्यक्तित्व को किसी भी विरोध या प्रतिक्रिया का विषय न बनाया जाए। यह उनके सम्मान और पवित्रता के लिए आवश्यक है।

उन्होंने मुस्लिम युवाओं से आह्वान किया कि वे धैर्य, विवेक और लोकतांत्रिक तरीकों से अपना पक्ष रखें तथा षड्यंत्रों से सावधान रहें। मदनी ने यूपी पुलिस की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि मुसलमान पैगंबर मोहम्मद से प्रेम और अनुसरण के जरिए ही अल्लाह की खुशी पाते हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमान इसके लिए हर बलिदान देने को तैयार हैं। साथ ही उन्होंने यूपी सरकार से मांग की कि धार्मिक भावनाओं और पेशवाओं का सम्मान किया जाए और केवल नारों व पोस्टरों के आधार पर गिरफ्तारी जैसे कदमों से परहेज किया जाए।