Ad Image
Ad Image
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया || PM के आवास के बाहर पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरने पर राहुल गांधी || PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज || अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

फिर सजी 'उमराव जान' की महफिल: रेखा की कल्ट क्लासिक फिल्म दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज़

मनोरंजन डेस्क, श्रेयांश पराशर |
बॉलीवुड की सदाबहार अदाकारा रेखा की कल्ट फिल्म उमराव जान एक बार फिर दर्शकों को अपने जादू में बांधने के लिए तैयार है। 27 जून को इस क्लासिक फिल्म को सिनेमाघरों में फिर से रिलीज़ किया जा रहा है। इस मौके पर निर्देशक मुजफ्फर अली और रेखा ने मुंबई में एक खास स्क्रीनिंग का आयोजन किया, जिसमें ए.आर. रहमान, तब्बू, अनिल कपूर सहित कई दिग्गज सितारे शामिल हुए।
1981 में रिलीज़ हुई उमराव जान न सिर्फ अपनी दिल छू लेने वाली कहानी और शानदार संगीत के लिए जानी जाती है, बल्कि रेखा के करियर की यह सबसे यादगार फिल्मों में से एक है। फिल्म में एक तवायफ के किरदार में रेखा ने जिस तरह की भावनात्मक गहराई और शालीनता दिखाई, उसने उन्हें अभिनय की बुलंदियों पर पहुंचा दिया। यही कारण है कि उमराव जान आज भी एक कल्ट क्लासिक मानी जाती है और रेखा की पहचान इस किरदार से अटूट रूप से जुड़ी हुई है।

मुजफ्फर अली की यह फिल्म आज भी लोगों के दिलों में उतनी ही ताजगी से बसी हुई है। अली कहते हैं कि उन्हें हर दिन किसी न किसी दर्शक से इस फिल्म की तारीफ सुनने को मिलती है, जो उनके लिए एक वरदान जैसा है। मुंबई में हुए खास स्क्रीनिंग इवेंट में रेखा की मौजूदगी ने माहौल को भावनात्मक और ऐतिहासिक बना दिया। रेखा ने मंच पर बिना बोले अपनी मुस्कान और मौजूदगी से ही यह जता दिया कि उमराव जान केवल एक किरदार नहीं, बल्कि उनके जीवन का एक अहम हिस्सा है।

इस खास मौके पर निर्देशक अली ने बताया कि उन्होंने फिल्म पर एक पुस्तक भी पूरी कर ली है, जिससे प्रशंसक पर्दे के पीछे की अनसुनी कहानियों से भी रूबरू हो सकेंगे। उमराव जान की वापसी न केवल बीते दौर की एक झलक है, बल्कि आज की पीढ़ी को भारतीय सिनेमा की एक उत्कृष्ट धरोहर से जोड़ने का प्रयास भी है।