विदेश डेस्क , रानी कुमारी |
फिलीपींस के दक्षिणी क्षेत्र मिंडानाओ में सोमवार को आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई। भूकंप के कारण कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। स्थानीय प्रशासन के अनुसार इस आपदा में कई लोगों की मौत हुई है तथा सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।
भूकंप का केंद्र फिलीपींस के दक्षिणी द्वीप मिंडानाओ के निकट समुद्र में बताया गया है। तेज झटकों के बाद कई इलाकों में दहशत फैल गई और लोग घरों तथा कार्यालयों से बाहर निकल आए। प्रारंभिक चरण में सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी, हालांकि बाद में कई क्षेत्रों में इसे वापस ले लिया गया।
इस प्राकृतिक आपदा पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी संदेश में कहा कि फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में आए भूकंप से हुई जनहानि और व्यापक नुकसान से वे अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही कहा कि भारत इस कठिन समय में फिलीपींस की जनता और सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कई स्थानों पर स्कूलों, सार्वजनिक सेवाओं और यातायात पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और संभावित आफ्टरशॉक्स को देखते हुए सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है।
फिलीपींस प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां अक्सर होती रहती हैं। इस कारण देश प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है।







