विदेश डेस्क, ऋषि राज |
वाशिंगटन: अमेरिका में एक बार फिर बजट को लेकर सियासी गतिरोध गहराने से संघीय सरकार का आंशिक शटडाउन शुरू हो गया है। 31 जनवरी की आधी रात तक 2026 का संघीय बजट पारित नहीं हो पाने के कारण कई सरकारी विभागों और एजेंसियों का कामकाज प्रभावित हुआ है। बजट पर सहमति न बनने से लाखों संघीय कर्मचारियों में अनिश्चितता का माहौल है, जबकि आवश्यक सेवाओं को सीमित संसाधनों के साथ जारी रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार, बजट वार्ता संयुक्त राज्य कांग्रेस में अंतिम समय तक चलती रही, लेकिन डेडलाइन से पहले कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। विशेष रूप से होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के लिए प्रस्तावित नई फंडिंग और आव्रजन से जुड़े मुद्दों पर डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के बीच मतभेद गहरे बने रहे। इसी कारण बजट विधेयक को मंजूरी नहीं मिल सकी।
आंशिक शटडाउन के तहत कई गैर-आवश्यक सरकारी सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। राष्ट्रीय उद्यान, कुछ प्रशासनिक कार्यालय और नियामक एजेंसियों की गतिविधियां सीमित कर दी गई हैं। हालांकि, रक्षा, स्वास्थ्य आपात सेवाएं, हवाई यातायात नियंत्रण और कानून-व्यवस्था जैसी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। इसके बावजूद, शटडाउन का असर आम नागरिकों से लेकर व्यापारिक गतिविधियों तक देखने को मिल रहा है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजनीतिक तनाव उस समय और बढ़ गया जब मिनियापोलिस में हालिया घटनाओं को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया और संघीय आव्रजन एजेंसियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए। इसी मुद्दे पर बातचीत रुकने से बजट संकट और गहरा गया। हालांकि, कांग्रेस के दोनों सदनों के नेताओं ने संकेत दिए हैं कि अगले सप्ताह फिर से बातचीत शुरू हो सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह शटडाउन लंबे समय तक नहीं चलेगा। पहले भी अमेरिका में ऐसे आंशिक शटडाउन देखे गए हैं, जिन्हें कुछ दिनों के भीतर अस्थायी बजट या समझौते के जरिए समाप्त कर दिया गया। इस बार भी उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासनिक ठहराव सीमित अवधि का होगा।
व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि सरकार समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही बजट पर सहमति बनाने के प्रयास तेज किए जाएंगे। फिलहाल, पूरे देश की नजरें कांग्रेस पर टिकी हैं कि वह इस गतिरोध को कितनी जल्दी खत्म कर पाती है और सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था को बहाल करती है।







