स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
गया जी। भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के दौरान उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा की मौजूदगी में जनता का गुस्सा फूट पड़ा। राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार और अफसरों की कार्यशैली को लेकर लोगों ने खुलकर नाराजगी जताई, वहीं एक बुजुर्ग के तीखे बयान ने सभा को सुर्खियों में ला दिया।
संवाद कार्यक्रम में मंत्री ने जब यह सवाल उठाया कि उनके प्रयासों का जमीनी असर कितना दिख रहा है, तो भीड़ में बैठे लोग एक साथ खड़े हो गए। नारेबाजी शुरू हो गई और लोगों ने कहा कि हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
कई लोगों ने राजस्व अधिकारियों पर रिश्वतखोरी, फाइलें लटकाने और मनमानी करने के आरोप लगाए। महिलाओं ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं और कहा कि आम आदमी की सुनवाई नहीं हो रही।
इसी बीच जब हंगामे को शांत कराने की कोशिश हो रही थी, तभी भीड़ में बैठे एक बुजुर्ग अचानक गुस्से में खड़े हो गए। पीछे से किसी ने उन्हें “बाबा, बैठ जाइए” कह दिया। इतना सुनते ही वे भड़क उठे और आक्रोश में बोले कि उन्हें कमजोर समझने की भूल न की जाए, वरना अंजाम बुरा होगा।
हालात संभालते हुए उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि वे खुद को डॉक्टर की तरह मानते हैं, जो बीमारी देखकर ही इलाज करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुधार जल्दबाजी में नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि राजस्व व्यवस्था में पुरानी समस्याएं हैं, लेकिन सरकार उन्हें दूर करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। जनसंवाद का उद्देश्य ही जनता की आवाज सुनकर समाधान निकालना है।







