स्टेट डेस्क, श्वेता प्रिया।
पटना। कथित NEET पेपर लीक मामले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को छात्र संगठनों AISA और राष्ट्रीय युवा आंदोलन (RYA) के आह्वान पर बिहार बंद का व्यापक असर देखने को मिला। राज्य के कई जिलों में प्रदर्शन हुए, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए।
छपरा में प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने समाहरणालय परिसर में लगे पोस्टर फाड़ दिए और बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, सीवान में छात्र सड़क पर उतरे और बेगूसराय में पुलिस ने ड्रोन के जरिए प्रदर्शन पर नजर रखी। मधेपुरा में प्रदर्शन कर रहे 20 से अधिक छात्रों को हिरासत में लिया गया।
पटना में डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, इनकम टैक्स चौराहा, वीरचंद पटेल पथ, हाईकोर्ट, राजवंशी नगर और मुख्यमंत्री आवास सहित कई संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन शुरू होने से पहले जेपी गोलंबर पर जुट रहे कुछ छात्रों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया।
राज्य सरकार ने पूरे बिहार में करीब 70 हजार पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में CISF, BSF, SSB और CRPF के जवान भी शामिल हैं। कई जिलों में पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं और संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी असामाजिक तत्व को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, पटना डीएम ने चेतावनी दी कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, हिंसा भड़काने के आरोप में CPI(ML) लिबरेशन के विधायक संदीप सौरव सहित कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।







