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बीजेपी का कांग्रेस पर वार: आपातकाल लगाने वाली पार्टी को संविधान की बात करने का हक नहीं 

श्रेयांश पराशर, पटना | 

बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि आपातकाल थोपने वाली पार्टी को लोकतंत्र और संविधान बचाने की बात करना शोभा नहीं देता।

बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि वह पार्टी जिसने देश पर आपातकाल थोपकर संविधान की धज्जियाँ उड़ाईं, उसे अब संविधान बचाने की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। बिहार भाजपा के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि 1970 के दशक में केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सत्ता बचाने के लिए संविधान को ताक पर रखते हुए देश में आपातकाल लगाया था। यह वही पार्टी है जो आज संविधान की रक्षा का दावा कर रही है।

उन्होंने कहा, "जिस पार्टी ने आपातकाल के दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं को कुचला, प्रेस की आज़ादी को खत्म किया और लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर किया, वह अब लोकतंत्र की दुहाई दे रही है। ऐसे में कांग्रेस को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है।" जायसवाल ने आगे कहा कि आज के दिन हमें उस काले अध्याय को याद करना चाहिए जब देश में संविधान की किताब दिखाने वाले ही सबसे बड़े संविधान के हननकर्ता बन गए थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में राष्ट्रपति शासन का दुरुपयोग करके चुनी हुई सरकारों को गिराया गया और राजनीतिक विरोधियों को जेलों में बंद कर दिया गया। भाजपा नेता ने कांग्रेस पर राजनीतिक दोहरेपन का आरोप लगाते हुए कहा कि अब जब जनता उन्हें लगातार नकार रही है, तब वे संविधान बचाने की दुहाई देकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "जो पार्टी सत्ता में रहते हुए लोकतंत्र को कुचलती है, वही आज खुद को लोकतंत्र का रक्षक बताने का प्रयास कर रही है। जनता इन सब बातों को समझती है और समय आने पर जवाब भी देगी।" इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, और आने वाले समय में यह बहस और भी गरमाने की संभावना है।