Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर सेवा जल्द शुरू होने के संकेत: वैष्णव

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।

नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु और मुंबई के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि यह सेवा जल्द शुरू की जा सकती है, जिससे दोनों प्रमुख शहरों के बीच रेल यात्रा को नई गति मिलेगी। यह जानकारी उन्होंने बेंगलुरु और मुंबई के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन को वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाने के दौरान साझा की। साथ ही उन्होंने कर्नाटक में जारी रेलवे परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विस्तार से चर्चा की।

रेल मंत्री ने कहा कि दक्षिण और उत्तर कर्नाटक की कई लंबित रेलवे मांगों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उनके अनुसार, रेलवे नेटवर्क के विस्तार और बेहतर वित्तीय सहायता के कारण राज्य में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू होने की संभावना मजबूत है, जिसका यात्रियों को लंबे समय से इंतजार रहा है।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हाल के वर्षों में कर्नाटक के लिए रेलवे बजट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इसका असर राज्य में चल रही विभिन्न रेल परियोजनाओं पर देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कर्नाटक के 61 रेलवे स्टेशनों का करीब 2,160 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें से नौ स्टेशनों का काम पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि बाकी स्टेशनों पर कार्य जारी है।

उन्होंने आगे बताया कि बेंगलुरु कैंटोनमेंट रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास लगभग 485 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। वहीं, यशवंतपुर स्टेशन पर करीब 367 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिकीकरण का कार्य चल रहा है। रेल मंत्री के अनुसार, वर्ष 2014 के बाद से अब तक कर्नाटक में लगभग 1,750 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बिछाई जा चुकी हैं। इसके अलावा हसन-मंगलुरु रेलवे खंड पर विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है और वर्तमान में परीक्षण प्रक्रिया जारी है।बेंगलुरु उपनगरीय रेलवे परियोजना पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सभी चार कॉरिडोर पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

 बैयप्पनहल्ली-चिक्कबनवारा और हीलालिगे-राजनुकुंटे कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और स्टेशन निर्माण कार्य जारी है। वहीं, केएसआर बेंगलुरु-देवनहल्ली कॉरिडोर को कर्नाटक सरकार और रेलवे की संयुक्त मंजूरी मिल चुकी है तथा भू-तकनीकी सर्वेक्षण भी पूरे हो चुके हैं। केंगेरी-व्हाइटफील्ड कॉरिडोर को हाल ही में मंजूरी मिली है, जहां जल्द सर्वेक्षण कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।

रेल मंत्री के मुताबिक, उपनगरीय रेलवे नेटवर्क बेंगलुरु के प्रमुख क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा। इनमें केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, मराठाहल्ली और हेब्बल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं, जिससे शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कर्नाटक में वंदे भारत ट्रेनों की 12 जोड़ियां संचालित हो रही हैं। साथ ही बेंगलुरु-मंगलुरु मार्ग पर परीक्षण जारी है, जिससे आगे मडगांव तक तटीय क्षेत्रों में रेल संपर्क को और बेहतर बनाए जाने की संभावना है।