एंटरटेनमेंट डेस्क, श्रेयांश पराशर l
मुंबई। टीवी और फिल्म निर्माता एकता कपूर ने अपने लोकप्रिय धारावाहिक “क्योंकि सास भी कभी बहू थी” के जरिए बच्चों की सुरक्षा और ‘सेफ टच’–‘बैड टच’ जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने की पहल की है। लंबे समय से परिवार और सामाजिक रिश्तों पर आधारित कहानियां पेश करने वाला यह शो अब एक संवेदनशील सामाजिक संदेश के साथ दर्शकों के सामने आया है।
दरअसल, शो के मौजूदा ट्रैक में एक बच्चे के अपहरण की घटना के बाद परिवार के भीतर होने वाली बातचीत को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाया गया है। कहानी में दिखाया गया है कि किस तरह एक मां अपने बच्चे को अच्छे और बुरे स्पर्श के बीच का अंतर समझाती है। इस बातचीत के जरिए बच्चों को यह संदेश दिया गया है कि अगर उन्हें कभी असहज महसूस हो तो वे बिना डरे अपने माता-पिता या भरोसेमंद लोगों से अपनी बात साझा करें।
निर्माता एकता कपूर का मानना है कि मनोरंजन के साथ-साथ टीवी कार्यक्रमों के जरिए समाज को जागरूक करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पारिवारिक धारावाहिक केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि ऐसे मुद्दों पर भी चर्चा शुरू करनी चाहिए जो समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसी सोच के तहत शो में बच्चों की सुरक्षा जैसे विषय को शामिल किया गया है।
शो में दिखाए गए दृश्यों के माध्यम से यह भी बताया गया है कि माता-पिता को बच्चों के साथ खुलकर संवाद करना चाहिए। बच्चों को यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि वे किसी भी समस्या या डर के बारे में खुलकर बात कर सकते हैं। इस तरह की बातचीत से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे मुश्किल परिस्थितियों का सामना बेहतर तरीके से कर पाते हैं।
टेलीविजन पर इस तरह के संवेदनशील विषय को उठाए जाने से दर्शकों के बीच भी जागरूकता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार के साथ देखे जाने वाले कार्यक्रमों में यदि ऐसे संदेश शामिल हों, तो बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।







