विदेश डेस्क, एन के सिंह।
रक्सौल में मुख्य सचिव और DGP की हाई-लेवल मीटिंग, घुसपैठ और तस्करी के खिलाफ 'ऑपरेशन क्लीन' का शंखनाद
पूर्वी चम्पारण: भारत-नेपाल की 114.5 किलोमीटर लंबी संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमा अब न केवल सुरक्षित होगी, बल्कि विकास की नई गाथा भी लिखेगी। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने रक्सौल स्थित SSB मुख्यालय में एक मैराथन समीक्षा बैठक कर सीमा सुरक्षा का ऐसा 'सर्जिकल' महाप्लान तैयार किया है, जिसे भेदना दुश्मनों के लिए नामुमकिन होगा। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब सीमा पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति चलेगी।
प्रमुख हाईलाइट्स एक नज़र में
घुसपैठ पर प्रहार: 2025 में अब तक 25 विदेशी नागरिक (बांग्लादेशी, श्रीलंकाई और अबू धाबी) गिरफ्तार।
अतिक्रमण मुक्त बॉर्डर,नो-मैन्स लैंड से 117 अवैध कब्जे जमींदोज, 4 धार्मिक ढांचे भी रडार पर।
आर्थिक प्रहार: तस्करों और भू-माफियाओं की 65 करोड़ से अधिक की संपत्ति होगी कुर्क।
रेस्क्यू ऑपरेशन: मानव तस्करी के चंगुल से 574 मासूमों को छुड़ाया गया।
वाइब्रेंट विलेज: सीमावर्ती 12 गांवों के लिए 125 विकास योजनाओं को मिली हरी झंडी।
डिजिटल मॉनिटरिंग और थ्री-लेयर सुरक्षा
बैठक के दौरान DGP विनय कुमार ने निर्देश दिया कि पूर्वी चम्पारण से जुड़े सभी 1237 सीमा स्तंभों (Pillars) की अब डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। इनमें से 73 क्षतिग्रस्त स्तंभों के त्वरित मरम्मत के लिए संयुक्त निरीक्षण का आदेश दिया गया है। सीमा पर सुरक्षा को 'थ्री-लेयर' (त्रिस्तरीय) किया जा रहा है, ताकि घुसपैठ की हर कोशिश को नाकाम किया जा सके।
अपराध की कमाई से बनी संपत्ति पर चलेगा बुलडोजर
मुख्य सचिव और DGP ने कड़ा रुख अपनाते हुए भू-माफियाओं और तस्करों की कमर तोड़ने का निर्देश दिया है। रक्सौल अनुमंडल के 53 अवैध कारोबारियों की 53.05 करोड़ और भू-माफियाओं की 12.03 करोड़ की संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव तैयार है। प्रशासन का साफ संदेश है—अपराध की कमाई अब सरकार की होगी।
रक्सौल एयरपोर्ट बहुत जल्द भरेगी उड़ान
सीमावर्ती क्षेत्र के विकास के लिए रक्सौल एयरपोर्ट को एक महत्वपूर्ण कड़ी माना गया है। मुख्य सचिव ने भूमि अधिग्रहण की बाधाओं को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट का काम समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
वाइब्रेंट विलेज: सीमा पर सजेगी समृद्धि की रोशनी
सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के तहत मछली पालन, डेयरी और बकरी पालन जैसे उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। जीविका समूहों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार देकर सीमा को आर्थिक रूप से भी मजबूत किया जाएगा।
"प्रशासन, पुलिस और SSB के बीच का समन्वय एक लोहे की दीवार की तरह मजबूत होना चाहिए। संयुक्त गश्त और नाइट कैंपिंग अब और प्रभावी होगी ताकि अपराधी सीमा पार करने का साहस भी न कर सकें।"
मुख्य सचिव व DGP का संयुक्त संदेश







