नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
नयी दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ओमान के निकट अमेरिकी कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस दुखद घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आना कई सवाल खड़े करता है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में मृतक भारतीय नाविकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश के तीन नागरिकों की विदेश में हुई मौत के बाद भी सरकार की ओर से स्पष्ट और ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनके अनुसार, ऐसी घटनाओं पर सरकार का मौन रहना न केवल पीड़ित परिवारों की भावनाओं की अनदेखी है, बल्कि इससे देश के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ती हैं।
खरगे ने कहा कि घटना के तीन दिन बाद तक प्रधानमंत्री की ओर से न तो कोई शोक संदेश जारी किया गया और न ही कोई आधिकारिक बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि देश यह जानना चाहता है कि आखिर इस मामले में सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं और मृतक नाविकों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे मामले पर स्पष्ट स्थिति रखने की मांग की।
राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब भारतीय नागरिक किसी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में अपनी जान गंवाते हैं, तब सरकार को तत्काल सक्रियता दिखानी चाहिए और देश को पूरी जानकारी देनी चाहिए। उनके अनुसार, इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों की आवश्यकता है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी मृतक नाविकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को इस घटना को केवल एक औपचारिक मामला मानकर नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए तथा घटना की परिस्थितियों को लेकर सरकार को स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की विदेश नीति में राष्ट्रीय हितों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। उनका कहना है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी उपलब्धियों का प्रचार तो करती है, लेकिन जब भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान का सवाल आता है, तब अपेक्षित दृढ़ता दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता और नागरिकों के हित सर्वोपरि होने चाहिए।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांग की कि ओमान के निकट हुई इस घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाए, मृतक नाविकों के परिवारों को न्याय और सहायता सुनिश्चित की जाए तथा भविष्य में विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। पार्टी ने कहा कि इस संवेदनशील मामले में सरकार का मौन देश की जनता की चिंताओं को और बढ़ाने वाला है।







