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भारत अमेरिका व्यापार समझौता: फैक्टशीट बदलने से क्या होगा असर

विदेश डेस्क, मुस्कान कुमारी।

दालें हटाईं, 500 अरब डॉलर की खरीद को 'कमिटमेंट' से 'इंटेंड' किया....

वाशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी व्हाइट हाउस ने भारत के साथ हालिया अंतरिम व्यापार समझौते पर जारी फैक्टशीट में 24 घंटे के भीतर संशोधन कर महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। पहले संस्करण में शामिल कुछ संवेदनशील बिंदुओं को हटा दिया गया है या भाषा को नरम कर दिया गया है।

यह संशोधन पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई टेलीफोन वार्ता के बाद घोषित अंतरिम समझौते के फैक्टशीट से जुड़ा है। समझौते की घोषणा के कुछ दिनों बाद व्हाइट हाउस ने पहला फैक्टशीट जारी किया था, जिसे अब अपडेट कर दिया गया है।

मुख्य बदलाव क्या हैं?

सबसे बड़ा बदलाव अमेरिकी कृषि उत्पादों की सूची में आया है। पुराने फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं के साथ-साथ कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म या कम करेगा, जिसमें दालें (certain pulses) भी शामिल थीं। संशोधित फैक्टशीट से दालों का जिक्र पूरी तरह हटा दिया गया है। अब सूची में सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन (DDGs), रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजा व प्रोसेस्ड फ्रूट, सोयाबीन ऑयल, वाइन और स्पिरिट्स आदि ही बचे हैं।

दूसरा बड़ा बदलाव 500 अरब डॉलर की खरीद को लेकर है। पुराने संस्करण में लिखा था कि भारत अमेरिकी उत्पादों की खरीद के लिए "committed" (प्रतिबद्ध) है और ऊर्जा, सूचना-प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला आदि में 500 अरब डॉलर से अधिक की खरीद करेगा। संशोधित फैक्टशीट में शब्द बदलकर "intends" (इरादा रखता है) कर दिया गया है। साथ ही कृषि उत्पादों का जिक्र भी हटा दिया गया है। अब यह वाक्य है: "भारत अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने का इरादा रखता है और ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कोयला तथा अन्य उत्पादों में 500 अरब डॉलर से अधिक की खरीद करेगा।"

डिजिटल सर्विसेज टैक्स पर भी बदलाव

पुराने फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत अपने डिजिटल सर्विसेज टैक्स को हटाएगा और डिजिटल व्यापार नियमों पर मजबूत द्विपक्षीय बातचीत करेगा। संशोधित संस्करण से टैक्स हटाने का जिक्र पूरी तरह हटा दिया गया है। अब केवल इतना कहा गया है कि भारत डिजिटल व्यापार में भेदभावपूर्ण या बोझिल प्रथाओं को दूर करने वाले मजबूत द्विपक्षीय नियमों पर बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है।

समझौते की पृष्ठभूमि 

भारत और अमेरिका के बीच यह अंतरिम समझौता फरवरी 2025 से चली आ रही वार्ताओं का नतीजा है। समझौते के तहत अमेरिका ने भारत से आयात पर लगाए गए 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है। इससे भारत के टेक्सटाइल, गारमेंट्स, लेदर, फुटवियर, प्लास्टिक-रबर गुड्स, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, आर्टिसनल आइटम्स और कुछ मशीनरी को फायदा होगा।

ट्रंप प्रशासन ने पहले रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, जिसे अब हटाया गया है। संयुक्त बयान में स्पष्ट किया गया है कि भारत अगले 5 वर्षों में अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद, एयरक्राफ्ट पार्ट्स, कीमती धातु, टेक्नोलॉजी उत्पाद और कोकिंग कोल में कुल 500 अरब डॉलर की खरीद का इरादा रखता है।