Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

भारत को मिलेगा स्वदेशी QR-SAM एयर डिफेंस सिस्टम, 30,000 करोड़ रुपये की बड़ी सैन्य डील

श्रेया पांडेय |
भारत की रक्षा क्षमताओं को एक और बड़ी उपलब्धि मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने लगभग 30,000 करोड़ रुपये की लागत से भारत में विकसित एक आधुनिक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली, QR-SAM (Quick Reaction Surface-to-Air Missile) को सेना में शामिल करने की तैयारी कर ली है। यह प्रणाली भारतीय वायुसेना और थलसेना दोनों के लिए बनाई जा रही है और यह दुश्मन के विमानों, ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलों को कुछ ही सेकंड में नष्ट करने की क्षमता रखती है।

QR-SAM की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज़ प्रतिक्रिया समय है। यह प्रणाली 25-30 किलोमीटर की रेंज में किसी भी हवाई खतरे को तत्काल जवाब देने में सक्षम है। QR-SAM को डीआरडीओ (DRDO) ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और भारत डायनामिक्स लिमिटेड के सहयोग से विकसित किया है। इसके सफल परीक्षण पहले ही किए जा चुके हैं और सभी मानकों पर यह प्रणाली खरी उतरी है।

QR-SAM की तैनाती से चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से होने वाले हवाई खतरों के खिलाफ भारत की तैयारी और भी मजबूत होगी। इस मिसाइल प्रणाली का उपयोग युद्धक टैंकों, रडार और कमांड पोस्ट की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। इसके अलावा यह सिस्टम पूर्ण रूप से मोबाइल है, जिससे इसे युद्ध के दौरान किसी भी स्थान पर तैनात किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि QR-SAM जैसी स्वदेशी प्रणालियों के निर्माण से भारत की आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर भारत अभियान) को बल मिलेगा और रक्षा आयात पर निर्भरता घटेगी। इस डील से भारतीय रक्षा उत्पादन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

सरकार के अनुसार यह डील अंतिम चरण में है और रक्षा अधिग्रहण परिषद की मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही इसका निर्माण शुरू हो जाएगा। QR-SAM की तैनाती भारतीय सेनाओं को आधुनिक युद्ध तकनीकों में प्रतिस्पर्धा योग्य बनाएगी।

यह डील न केवल भारत की सैन्य क्षमता में इज़ाफा करेगी बल्कि "मेक इन इंडिया" को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत संदेश भी देगी।