Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

भूटान में अडानी का बड़ा निवेशः बनेगा 570 मेगावाट वांगछू हाइड्रो प्रोजेक्ट

विदेश डेस्क, नीतीश कुमार |

Adani Power New Project: अडानी पावर और भूटान की सरकारी कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्प लिमिटेड (DGPC) ने 570 मेगावाट की वांगछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना के लिए साझेदारी की है। शनिवार को दोनों कंपनियों ने शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट (SHA) पर हस्ताक्षर किए। इस परियोजना में 6000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके साथ ही पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) और रियायत समझौते (CA) पर भी हस्ताक्षर किए गए।

भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे और अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की मौजूदगी समझौते पर हस्ताक्षर हुई। इस समझौते के तहत दोनों कंपनियां मिलकर पीकिंग रन-ऑफ-रिवर वांगछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना का निर्माण, संचालन और बिजली आपूर्ति का काम करेंगी।

कंपनी ने बताया कि परियोजना में पावर प्लांट और उससे जुड़ी आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए 6000 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे। काम 2026 की पहली छमाही तक शुरू होने की उम्मीद है और इसे पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य है।

अडानी पावर के सीईओ एसबी ख्यालिया के अनुसार, यह परियोजना भूटान में सर्दियों के दौरान बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करेगी। गर्मियों में यहां से भारत को बिजली का निर्यात होगा। यह परियोजना मई 2025 में अडानी ग्रुप और DGPC के बीच हुए 5,000 मेगावाट हाइड्रोपावर विकास समझौते के तहत शुरू की जाने वाली पहली पहल है।

इस साझेदारी से भूटान और भारत के संबंध मजबूत होंगे, साथ ही भूटान की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता और ऊर्जा सुरक्षा में वृद्धि होगी। परियोजना में DGPC की 51 प्रतिशत और अडानी ग्रुप की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी।